रायसेन। रहवासी क्षेत्रो में बाघ की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को सुबह लगभग साढ़े 6 बजे रायसेन शहर में बाघ घूमता दिखा था, इसके तीन दिन बाद ही शनिवार को रायसेन-भोपाल रोड पर ग्राम जाखा के पास सुबह तकरीबन 09 बजे बाघ सड़क पार करते नजर आया।
बाघ के सड़क पर आते ही दोनों तरफ की गाड़ियां रुक गईं। कुछ लोगों ने मोबाइल पर बाघ के सड़क पर विचरण के वीडियो बना लिए, जो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहे हैं।
बाघ सड़क पार करके दूसरी तरफ खेत में गया और फिर वहां से जंगल में चला गया।
वन विभाग को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बाघ की तलाश में जुट गई।
वन विभाग के मुताबिक रायसेन में नजर आया बाघ और नीम खेड़ा, खरबई के पास दिख रहा बाघ दोनों अलग है।
डीएफओ विजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही हमने टीम को भेज दिया है, जो बाघ की मूवमेंट पर नजर रखे हुए है। बाकी लोगों से अपील है कि वह सतर्क रहें। वीडियो बनाने के लिए उसके बहुत अधिक नजदीक न जाएं। किसी भी तरह से बाघ को डिस्टर्ब न करें। उन्होंने कहा कि अभी तक बाघ की कोई असामान्य हलचल सामने नहीं आई है। नीमखेड़ा के आसपास बाघ सिर्फ एक जंगल से दूसरे जंगल में जा रहा है। दिक्कत ये है कि उसके इस सफर में हमारे खेत और सड़क आ रहे हैं। बाघ पहले भी इस तरह सड़क और खेत पार करके एक जंगल से दूसरे जंगल जाता रहा है।
उन्होंने कहा कि बाघ ज्यादातर रात के समय सड़क पार करता है तो दिखाई नहीं देता। हमारी टीम लगातार नजर रखे हुए है। बाघ को जंगल में पर्याप्त भोजन व पानी मिल रहा है। भोजन की तलाश बाघ के रहवासी क्षेत्र में आने का कारण नहीं है, इसलिए चिंता की बात नहीं है। उसकी सारी गतिविधियां सामान्य हैं। बाघ को जंगल के भीतर रखने के लिए वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।


