जबलपुर। शहर के ग्वारीघाट थाना क्षेत्र के नर्मदा नगर में देर रात हुई तेज बारिश के कारण करीब 13 फीट ऊंची दीवार एक कच्चे घर में गिर गई। जिसके चलते 50 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि एसएस चतुर्वेदी के द्वारा नगर निगम के अनुमति लिए बिना ही अवैध रुप से बिना फाउंडेशन की दीवार खड़ी की गई थी, जो कि देर रात तेज बारिश के कारण गिर गई।
जिस समय बुजुर्ग के ऊपर दीवार गिरी थी, उस दौरान वह घर पर अकेले थे, घटना के समय उन्हें मौके से हटने का भी वक़्त नहीं मिला।
घटना की जानकारी लगते ही ग्वारीघाट पुलिस मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पीएम के लिए मेडिकल कालेज भेजकर जांच प्रारम्भ कर दी है।
घटना के बाद से एसएस चतुर्वेदी और राजू चतुर्वेदी गायब हो गए है।
जानकारी के मुताबिक नर्मदा नगर में रहने वाले 50 वर्षीय मोहन ठाकुर पैरों से विकलांग थे। मृतक की पत्नी और बच्चे रिश्तेदारी में रविवार की सुबह बालाघाट गए हुए थे। घर पर मोहन ठाकुर अकेले थे। देर रात करीब 3 बजे तेज बारिश और बिजली कड़की, इसके बाद मोहन ठाकुर के घर से लगी करीब 13 फीट की दीवार भरभराकर गिर गई। मोहन पैरों से विकलांग थे, उन्हें इतना भी मौका नहीं मिला कि वह अपने आपको बचा पाए।
सोमवार की सुबह लोगों ने देखा कि एसएस चतुर्वेदी के प्लाट में खड़ी की गई दीवार मोहन ठाकुर के कच्चे घर पर गिर गई है।
स्थानीय लोगों ने दीवार के मलबे से जब तक बुजुर्ग को निकाला तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
स्थानीय निवासी मनीष सोनी ने बताया कि जो दीवार गिरी है, वह अवैध रूप से खड़ी की गई थी। उन्होंने बताया कि जिस समय दीवार गिरी थी, उस दौरान मोहन की चीख भी नहीं निकल पाई और दीवार में वो दबकर रह गए। मनीष सोनी ने बताया कि दो हजार स्क्वायर फीट के इस प्लाट में खड़ी की जा रही करीब चालीस फीट लंबी दीवार गिरी थी, जिसकी जानकारी पुलिस-प्रशासन को है, इसके बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
बुजुर्ग मोहन ठाकुर की बेटी मंजू ठाकुर ने बताया कि बालाघाट में रिश्तेदार के यहां पर गृह प्रवेश था, परिवार के सभी सदस्य शामिल होने के लिए गए थे। पिताजी को भी बोला था कि साथ मे चले पर उन्होंने कहा कि मैं घर पर ही ठीक हूं। आज सुबह पड़ोसियों का फोन आया कि बाजू वाले की ऊंची दीवार आपके घर के ऊपर गिर गई है, जिसमें कि मोहन ठाकुर के दब जाने के कारण मौत हो गई है।
परिजनों के मुताबिक इससे पहले भी एसएस चतुर्वेदी की दीवार गिर चुकी थी, इसके बाद भी प्रशासन के द्वारा कोई भी एक्शन नहीं लिया गया।
परिजनों ने मामले में पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
इधर, गोरखपुर एसडीएम पंकज मिश्रा का कहना है कि मुझे मामले की जानकारी मिली है, पुलिस और तहसीलदार को मौके पर भेजकर जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए है।


