जबलपुर। सात वर्षो के बाद एक बार फिर हनुमंतिया की तर्ज पर बरगी बांध के किनारे पर्यटक साहसिक खेलों का रोमांच का लुफ्त पर्यटक उठा सकते हैं। बस इंतजार है मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की ग्रीन सिग्नल का।
बाेर्ड के पास प्रदेश स्तर से साहसिक खेलों के आयोजन के प्रस्ताव पहुंच रहे हैं, जिसमें जबलपुर भी शामिल है। कहा जा रहा है कि यदि जबलपुर में दोबारा साहसिक खेलो का आयोजन किया जायेगा तो बरगी सहित आस-पास के ग्रामीणों को दो माह तक रोजगार भी मुहैया हो सकेगी।
बता दे कि बरगी बांध के किनारे ग्राम खमरिया के समीप जबलपुर टूरिज्म प्रमोशन काउंसलिंग लिमिटेड द्वारा वर्ष 2010 से लेकर 2017 तक, यानि हर वर्ष साहसिक खेलों का आयोजन कराया गया था। सात साल पहले झील महोत्सव के नाम से वाटर स्पोर्ट्स और साहसिक खेलों की शुरुआत हुई थी।
झील महोत्सव के दौरान गुजरात की एडवेंचर कंपनी को ठेका मिला था। इस महोत्सव में न सिर्फ जबलपुर, महाकौशल अंचल बल्कि विदेश से भी सैलानी पहुंचे थे।
महोत्सव के दौरान सैलानियों ने रिंग राइट, पैरासेलिंग, पैरा मोटर सेलिंग, वाटर बैलून-स्कूटर, जेट स्काई , वाटर स्पोर्टस सहित अनेक साहसिक खेलों का लुत्फ उठाया था।
साहसिक खेलों के दौरान बरगी बांध के समीप खाली जगहों पर अस्थाई कपड़े के टेंट से तैयार किए गए करीब दो दर्जन कॉटेज बनाए गए थे। यहां पर्यटक बांध के किनारे सर्द रात कॉटेज में गुजारा करते थे। जिसका अनुभव रोमांचित होता था। वहीं, पर्यटक बनाना राइट व वाटर सर्फिंग भी करते थे। अधिकांश लोग तो सिर्फ इन खेलाें को देखने पहुंचते हैं।
जबलपुर टूरीज्म प्रमोशन काउंसिंलिंग लिमिटेड के सीईओ हेमंत सिंह ने बताया कि जनवरी और फरवरी में पूर्व की भांति जबलपुर के बरगी में साहसिक खेलों का आयोजन करने मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि बोर्ड से स्वीकृति मिल जाएगी। पर्यटकों को रोमांचक के साथ आस-पास के लिए रोजगार भी मिल सकेगा।

