छिंदवाड़ा। जहरीले कफ सीरप कोल्ड्रिफ के सेवन से 24 मासूम बच्चों की मौत के सनसनीखेज मामले में एसआईटी ने सोमवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है।
एसआईटी ने मुख्य आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की फरार चल रही पत्नी और ‘अपना मेडिकल’ स्टोर की प्रोपराइटर ज्योति सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बता दे कि डॉ. प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी के बाद से ही ज्योति सोनी फरार थीं। एसआईटी द्वारा लगातार दी जा रही दबिश के बाद आखिरकार उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्योति सोनी पर मुख्य रूप से दो गंभीर आरोप हैं जिसमें उनके मेडिकल स्टोर से जहरीली सिरप की अवैध बिक्री करना और बच्चों की मौत के बाद सबूत मिटाने का प्रयास करना शामिल है।
इस मामले में जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ था कि सीरप की 74 बोतलों में से 66 बोतलें ‘अपना मेडिकल’ स्टोर और क्लीनिक से गायब थीं।
एसआईटी को संदेह है कि साक्ष्य छिपाने के लिए यह स्टॉक जानबूझकर हटाया गया।
मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों की संख्या सात हो गई है। जिनमे श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स (तमिलनाडु) के मालिक रंगनाथन गोविंदन शामिल है।
पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि डॉक्टरों और एजेंसी संचालकों के बीच कमीशन डील होती थी। एसआईटी इस जहरीली सीरप की कंपनी से लेकर स्थानीय मेडिकल स्टोर तक की अवैध सप्लाई चेन की परतें खोलने में जुटी है।
एसआईटी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।


