जबलपुर। नाले के गंदे पानी से सब्जियां उगाए जाने के रवैये को हाईकोर्ट ने आड़े हाथों लिया।
जबलपुर हाईकोर्ट ने समाचारों पर संज्ञान लेते हुए मामले की जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की। इसी के साथ कलेक्टर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया।
इस प्रकरण में कोर्ट मित्र के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर को नियुक्त किया गया है। उन्होंने दलील दी कि सीवेज की गंदगी के साथ सबसे अधिक पानी डिटर्जेंट का ही होता है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि गंदे नालों का पानी बेहद खतरनाक है। इसलिए उनके पानी से सब्जी उगाना जनता की सेहत से सरासर खिलवाड़ है।
गौरतलब है कि जबलपुर में कछपुरा व विजयनगर से लेकर कचनारी व आसपास के क्षेत्र में ओमती नाले के गंदे पानी से सब्जी उगाई जाती हैं। इसी तरह गोहलपुर से लेकर बेलखाड़ू के बघौड़ा व आसपास के कुछ गांवों में मोती नाले के संक्रमित पानी का उपयोग सब्जियों की खेती में किया जा रहा है।
नाले के गंदे पानी में घुलनशील विषैले तत्व लोगों की सेहत को खतरे में डाल रहे हैं। इस तरह की खेती पर अंकुश लगाने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी वे इससे बच रहे हैं।


