मुरैना। जिले के बागचीनी क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां हंडवासी गांव के पास एक झोपड़ी में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का गोरखधंधा चल रहा था।
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ एक जागरूक युवक ने किया, हालांकि मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक सांटा निवासी विकास शर्मा हंडवासी और नहर के बीच से गुजर रहा था। इसी दौरान उसने एक झोपड़ी से संदिग्ध तरीके से बाहर आती महिलाओं को देखा। शक होने पर वह अंदर पहुंचा और चुपचाप वीडियो बनाना शुरू कर दिया। अंदर का नजारा चौंकाने वाला था आरोपी संजय पचौरी महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था, जबकि उसका साथी छोटू उर्फ विक्रम चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। विकास ने सूझबूझ दिखाते हुए झोपड़ी की कुंडी बाहर से बंद कर दी और अपने साथी को फोन किया। इसी बीच आरोपी संजय और विक्रम छप्पर तोड़कर मौके से फरार हो गए।
इधर राकेश प्रजापति महिलाओं को वैन में बैठाकर तेजी से मुरैना की ओर भाग निकला। विकास और उसके साथी ने पीछा करते हुए मुंगावली पेट्रोल पंप के पास वैन को पकड़ लिया और वहां से महिलाओं को उतारकर ड्राइवर को पकड़ते हुए थाने पहुंचाया गया।
मामले की सूचना मिलने पर पीसीपीएनडीटी कमेटी की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी संजय पचौरी पहले भी दो बार भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में पकड़ा जा चुका है।
बताया गया कि संजय पचौरी सीएम राइज स्कूल बिलगांव में चपरासी के पद पर कार्यरत था, जिसे वर्ष 2024 में निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद वह इस गैरकानूनी गतिविधि में लगातार सक्रिय रहा। अब लगातार तीसरी बार इस तरह के मामले में नाम सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।


