धार। औद्योगिक नगरी पीथमपुर में स्थित मदरसन कंपनी यूनिट-2 के कर्मचारियों ने सोमवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन किया।
प्रारम्भ में कर्मचारी कंपनी के बाहर धरने पर बैठे, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने महू-नीमच नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम के कारण हाईवे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से बातचीत शुरू की। अधिकारियों ने समझाइश दी, लेकिन कर्मचारी केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान हाईवे के दोनों ओर लंबी वाहन कतारें लग गईं। ट्रक, बसें और निजी वाहन जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी ने बताया कि कुछ महीने पहले सरकार ने वेतन बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कंपनी ने अब तक इसे लागू नहीं किया। अन्य कंपनियों में वेतन बढ़ चुका है।
कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने की मांग रखी है।
कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा वेतन में बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। यूनिट में करीब 2000 कर्मचारी कार्यरत हैं। आरोप है कि कंपनी में केवल 5–10 मिनट का चाय ब्रेक मिलता है और देरी होने पर वेतन काट लिया जाता है। साथ ही गेट पास की प्रक्रिया और 8 घंटे की शिफ्ट में काम का दबाव भी अधिक है।
हाईवे जाम की सूचना पर कार्यपालन मजिस्ट्रेट राहुल गायकवाड़ मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि सड़क खाली नहीं की गई तो बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए 15 दिन का समय मांगा है, लेकिन कर्मचारी इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और तत्काल समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं।


