उज्जैन। शुक्रवार रात गरोठ हाईवे पर दर्दनाक हादसा हो गया जिसमे मिनी बस के चालक ने ट्रैक्टर-ट्राली को टक्कर मार दी। जिससे ट्रैक्टर-ट्राली सड़क किनारे खंती में गिर गई। दबने से चालक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। इसके अलावा बस चालक व यात्री भी घायल हो गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि टोल नाके की एंबुलेंस व क्रेन करीब ढाई घंटे देरी से पहुंची थी। जिससे युवक की मौत हुई।
आक्रोशित लोगों ने मिनी बस में आग लगाकर यातायात जाम कर दिया। तीन थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। घायल को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
पुलिस ने बताया कि विजय पिता रामचंद्र सोलंकी (21) निवासी ग्राम ब्राम्हणखेड़ा महुरीखेड़ा महिदपुर शुक्रवार शाम को अपने दोस्त राजेश पिता बद्रीलाल शर्मा (32) के साथ ट्रैक्टर-ट्राली में गेहूं लेकर उज्जैन स्थित कृषि उपज मंडी में आ रहा था, तभी गरोठ हाईवे पर तुलाहेड़ा टोल नाके के समीप पीछे से आ रही मिनी बस (डीएल 01 वीसी 5919) के चालक ने ट्रैक्टर-ट्राली में टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर-ट्राली सड़क किनारे खंती में पलट गई और ट्रैक्टर चालक विजय उसके नीचे दब गया था।
करीब एक घंटे तक मदद नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
दुर्घटना में विजय का साथी राजेश तथा बस चालक शिवकुमार निवासी अमृतसर, यात्री बाबी और धर्मेंद्र कुमार निवासी दिल्ली घायल हो गए। सभी को उपचार के लिए चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
हादसे के बाद करीब दो घंटे बाद टोल नाके की एंबुलेंस व क्रेन मौके पर पहुंची थी। क्रेन में ही पट्टा नहीं होने के कारण ट्रैक्टर-ट्राली को उठाया नहीं जा सका था। समय पर मदद नहीं मिलने से विजय की मौत हो गई थी। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने मिनी बस में तोड़फोड़कर आग लगा दी थी। इसके अलावा यातायात भी जाम कर दिया था। बस में आग लगने से यात्रियों का सामान भी जलकर खाक हो गया था।
हालांकि गनीमत रही कि बस में एक भी यात्री सवार नहीं था। सभी यात्री उसमें से उतर गए थे।
हंगामे की जानकारी लगने पर मौके पर घट्टिया थाना प्रभारी करण खोवाल, पानबिहार चौकी प्रभारी जयंत डामोर, राघवी थाना प्रभारी काजल सिंह व पुलिस बल पहुंचा था। सभी अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देकर मामला शांत करवाया।


