भोपाल। राजधानी के करोंद क्षेत्र में स्थित भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में पढ़ रहे मेडिकल स्टूडेंट्स को मरीजों के उपचार से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए एक एडवांस्ड वायरलेस कार्डियक लाइफ सिस्टम (एसीएलएस) स्थापित किया गया है।
इसे अस्पताल के एनेस्थीशियोलाजी विभाग में लगाया गया है।
जहाँ पर एक एडवांस्ड मैनिक्विन (डमी) के जरिए मेडिकल स्टूडेंट्स को यह सिखाया जाएगा कि अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती किसी मरीज की कैसे जांच की जाए या उसके इलाज के लिए क्या तरीका अपनाया जाए।
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने इस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सिस्टम का उद्घाटन किया।
उन्होंने बताया कि यह मैनिक्विन आमतौर पर मिलने वाले डमी से अलग है। किसी आम मरीज की तरह ही इस मैनिक्विन में भी पल्स, हृदयगति, एयरवे आदि की जांच की जा सकती है। यह मैनिक्विन एक मानिटर से जुड़ा होता है, जिसमें पल्स, हार्टबीट आदि दिखाई देती हैं। इसका नियंत्रण सीनियर डाक्टर के हाथ में होता है, जो अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से स्टूडेंट्स को जांच और इलाज के तौर-तरीके सिखाता है। किसी मरीज को इन्ट्यूबेट कैसे किया जाता है, यह भी इस मैनिक्विन के जरिए सिखाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बीएमएचआरसी अब एक चिकित्सकीय शैक्षणिक संस्था के तौर पर विकसित हो रहा है। ऐसे में एसीएलएस सिस्टम स्टूडेंट्स की लर्निंग में बहुत मददगार होगा। इससे मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा।


