जबलपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार की निर्देशन में गायत्री परिवार ट्रस्ट, जबलपुर के तत्वावधान में निष्ठावान साधकों द्वारा 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ करने का संकल्प प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के दिन लिया गया।
यह यज्ञ 19 दिसंबर से 22 दिसंबर तक संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित किया जाएगा।
नवरात्रि अनुष्ठान के समय भारत के प्रत्येक व्यक्ति के अंदर एक विशिष्ट ऊर्जा पैदा करने का समय होता है, इस समय देवलोक से सभी श्रेष्ठ आत्माएं भ्रमण करती है और अपनी-अपने अनुदान वरदान इस धरती पर लुटाती हैं।
गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा भी नवरात्रि के पावन पर्व पर नित्य गायत्री यज्ञ, नित्य 27 मालाओं का गायत्री जप, अनुष्ठान एवं विभिन्न साधना -आराधना की जाती है।
जिसकी पूर्णाहुति गायत्री शक्तिपीठ मनमोहन नगर , श्रीनाथ की तलैया तथा बिलपुरा में की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगीतमय यज्ञ के माध्यम से यज्ञ भगवान को आहुतियां प्रदान कर सद्बुद्धि सद्ज्ञान देने की प्रभु से प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर मुख्य ट्रस्टी बीबी शर्मा द्वारा बताया गया कि प्रभु श्रीराम ने धर्म की स्थापना के लिए अपना राज महल, घर परिवार सब कुछ छोड़कर जंगलों में गए। जगह-जगह उन्होंने असुरों का नाश कर सनातन धर्म की स्थापना की। जिस पर रामायण जैसा महान ग्रंथ लिखा गया है, जो आज समस्त विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है।
251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ, जबलपुर में होना, अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिसके माध्यम से जबलपुर के आसपास के कई जिलों में आध्यात्मिक आयोजन एवं सामाजिक सरोकार से संबंधित अनेक योजनाओं पर कार्य किया जाएगा।
जबलपुर की समस्त जनता से 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के लिए सहयोग करने की अपील की गई है।


