डिंडोरी। मंगलवार से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ इकाई जिला डिंडोरी के संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एवं संविदा नीति 2023 की नीति लागू करने सरकार की वादा खिलाफी मंशा से रुष्ठ होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
मंगलवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने माँ नर्मदा के दर्शन एवं पूजन कर संकट मोचन हनुमान जी को ज्ञापन अर्पण किया, इसके बाद वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
बता दे कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रमुख मांगे डिंडोरी जिले में 413 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण सहित विभाग में रिक्त पदों पर 50 प्रतिशत पद संविदा से संविलियन किया जाने, पूर्व से दी जा रही ईएल एवं मेडिकल की सुविधा को फिर से बहाल करने, अनुबंध प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने, अप्रेजल जैसी कुरीति को समाप्त करने, सेंवा निवृत्ति की आयु में 65 वर्ष करने, एनपीएस ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा एवं डीए की सुविधा से वंचित प्रारम्भ करने, वेतन विसंगति में संशोधन, निष्कासित सपोर्ट स्टाफ एवं मलेरिया एमपीडब्लू की एनएचएम में वापसी की जाने जैसी 8 सूत्रीय विभिन्न मांगे है। जिसको लेकर मंगलवार से जिले भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
गौरतलब है कि इसका असर स्वास्थ्य सुविधाओं पर आगामी दिनों में देखने को मिलेगा। तो वही, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा सकती हैं। ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अनिश्चितकालीन हड़ताल होने के चलते प्राप्त नहीं हो सकेगा है।
हड़ताल के पहले दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार को संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के लिए किए गए वादों की याद दिलाए एवं जमकर नारेबाजी की।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश उरैती के नेतृत्व में राजेश मरावी, संतोष बर्मन, दिलीप कच्छवाहा, जफ़र खान, आनंद मोहरे, अभिषेक मिश्र, दिगंबर बिलागर, अनिल हंसराज, मनोज इटोरिया, गिरीश, कमल साहू, अनिल, नेहा सिहारे, रूपा नामदेव सुनैना द्विवेदी, सुशील गवले, सुधीर नामदेव, लल्ला यादव, सुशील झरिया, सत्यम, मीनाक्षी, निधि, गीता मालवीय, अंकिता मरावी, प्रियंका सहित समस्त सीएचओ, एएनएम, एलटी एवं जिले भर के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है।

