स्कॉर्पियो चुराने के मामले में पुलिस आरक्षक सहित 6 आरोपी गिरफ्तार

DR. SUMIT SENDRAM

ग्वालियर। जिले की डबरा पुलिस ने एक आरक्षक सहित 6 लोगों को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। गैंग ने 11 जुलाई की रात तीन जगह चोरी की थी। आरक्षक रवि जाटव का भाई और एक साथी पहले ही लूट के मामले में जेल में बंद है। उसे छुड़ाने के लिए ये गैंग चोरी कर रुपए इकट्ठा कर रही थी।
आरोपी रवि जाटव ग्वालियर का रहने वाला है और राजगढ़ के कालीपीठ में पदस्थ था। मंगलवार को पुलिस ने उसे कालीपीठ से ही गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। रवि पर चोरी की गाड़ी ले जाने और नंबर प्लेट छिपाने के आरोप हैं। रवि की 2018 में पुलिस में नौकरी लगी थी। वह राजगढ़, ब्यावरा और गुना जिले में ही पदस्थ रहा है।
जानकारी के मुताबिक 11 जुलाई की रात डबरा की शुगर मिल कॉलोनी के रहने वाले अवतार रावत की स्कॉर्पियो चोरी हो गई थी। वही, श्याम विहार कॉलोनी में सियाराम बघेल के घर से सोने-चांदी के जेवर और नगदी भी चोरी हुए। इसके अलावा जंगीपुरा और एक अन्य जगह पर भी गैंग ने चोरी की कोशिश की। इसी के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्कॉर्पियो की लोकेशन ट्रेस की। जांच में पता चला कि गैंग में कॉन्स्टेबल रवि जाटव भी शामिल है। जिसके बाद डबरा पुलिस ने रवि को उसके सरकारी क्वार्टर से गिरफ्तार किया। कमरे में उसका साथी बॉबी बाथम भी था, उसे भी पुलिस पकड़कर ले आई।
डबरा पुलिस के मुताबिक रवि जाटव और उसके पांच साथियों ने मिलकर एक गैंग बनाई थी। गैंग ने डबरा में इटावा होटल के पास कॉलोनी में कमरा लिया था। ये लोग रेकी कर घरों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद रात में वारदात करते।
10 जुलाई की शाम रवि जाटव राजगढ़ से अपनी वेगनआर कार लेकर डबरा आ गया था और कमरे पर रुका था। 11 जुलाई को जिस सूने घर में ये चोरी करने गए, वहां स्कॉर्पियो की चाबी मिल गई। गैंग ने गाड़ी चुराने का प्लान बनाया, लेकिन किसी को ड्राइविंग नहीं आती थी। गैंग ने अपने साथी कॉन्स्टेबल रवि को बुलाया। रवि वेगनआर से पहुंचा और आरोपियों के साथ स्कॉर्पियो लेकर शिवपुरी आया। यहां गाड़ी की नंबर प्लेट बदलवाई। फिर राजगढ़ पहुंचा।
पुलिस ने स्कॉर्पियों की लोकेशन के हिसाब से पीछा शुरू किया। इस पर आरोपी स्कॉर्पियो को पनिहार के जंगल में छोड़कर भाग गए। रवि जिस वेगनआर कार से डबरा आया था। वही कार जंगल पहुंची और सभी को लेकर राजगढ़ आई।
इस प्रकरण में डबरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल, करहिया थाना प्रभारी देवेंद्र लोधी और प्रधान आरक्षक रामबरन लोधी ने ग्वालियर से शिवपुरी तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक पेट्रोल पंप पर स्कॉर्पियो दिखी, इससे रवि की पहचान हो गई। इसके बाद वीरेंद्र, मनोज, अरविंद और एक सर्राफा व्यापारी को भी पकड़ा गया, जिन्होंने चोरी का सामान खरीदा था।
पुलिस के मुताबिक रवि जाटव ने चोर गैंग 3 साल पहले बनाई थी। उसका भाई राहुल उर्फ गुठली जाटव प्रोफेशनल लुटेरा है। फिलहाल वह उज्जैन में व्यापारी से 18 लाख रुपए की लूट के मामले में जेल में बंद है। राहुल ने जेल में लोगों को बताया कि उसका भाई रवि पुलिस में है। वह जमानत और बाकी कानूनी कामों में मदद करता है।
डबरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि चोर गैंग अब तक उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, दतिया, भिंड जिलों में वारदातों को अंजाम दे चुकी है। गैंग में लगभग 20 सदस्य हैं। अधिकांश लोग आपस में रिश्तेदार हैं। कोई किसी का भतीजा है तो कोई किसी का फूफा। गिरफ्तार हुए ग्वालियर के मेहरा कॉलोनी के रहने वाले वीरेंद्र जाटव का पिता बसंत शातिर चोर और लुटेरा है। बसंत फिलहाल जेल में बंद है। आरोपी मनोज जाटव बसंत का भाई है। अरविंद जाटव, रविंद्र जाटव आपस में भाई हैं और ग्वालियर के कंपू के निवासी हैं। दोनों मनोज के भांजे हैं। बॉबी जाटव का भाई सन्नी बाथम राहुल का दोस्त है। वह भी लूट कांड में उज्जैन जेल में बंद है। एक अन्य आरोपी प्रेम सिंह उर्फ बंटी फरार है, वह अरविंद जाटव का फूफा है।

 

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