भोपाल। मप्र परिवहन विभाग के बंद पड़े चेकपोस्टों को फिर से शुरू करने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि इससे एक बार फिर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने जारी बयान में कहा कि राज्य में पहले संचालित चेकपोस्टों पर खुलेआम भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं। कई मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी और उनके पास से करोड़ों रुपये की नगदी व बेनामी संपत्ति मिलने के मामले भी उजागर हुए थे।
उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर चेकपोस्ट बंद किए गए थे। इस फैसले से ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत मिली थी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगी थी।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि अब दोबारा चेकपोस्ट शुरू होने से ट्रक ऑपरेटरों, वाहन मालिकों और ड्राइवरों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे परिवहन लागत बढ़ेगी, माल ढुलाई प्रभावित होगी और व्यापार पर भी असर पड़ेगा।
एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से न्यायालय के आदेश के खिलाफ उचित कानूनी विकल्प तलाशने और इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो देशभर के ट्रांसपोर्टर एकजुट होकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


