जबलपुर। संत अलॉयसियस (स्वशासी) महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा ‘एजूकेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी नेविगेटिंग द चेजिंग लैंडस्केप ऑफ हायर एजूकेशन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ईश वंदना, पुष्प गुच्छ द्वारा अतिथियों के स्वागत द्वारा किया गया।
कार्यकम संयोजिका शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. किरण मिश्रा द्वारा संगोष्ठी संबंधी रिर्पोट का वाचन किया गया।
प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि “शिक्षा किसी भी देश को सर्वोच्च स्थान पर पहुँचाने का एकमात्र साधन होती है।
कार्यकम के मुख्य अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण प्रकोष्ट एवं सामाजिक विज्ञान के डीन डॉ. विवेक मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन पर महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 ने भारत देश के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने की पहल की है।
विशिष्ट अतिथि इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन के सीनियर प्रोफेसर प्रो. मनीष शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सस्टेनेबिलिटी को अपने व्यावहारिक जीवन में ना सिर्फ अपनाना है, अपितु इसे आगे भी बढ़ाना है, जिससे सभी प्रदूषण रहित जीवन की ओर हो सके। तृतीय प्लेनरी सेशन प्रातःकाल 10:00 बजे से आरंभ हुआ जिसके वक्ता प्रो. मनीष शर्मा आपने “सस्टेनेबल कंज्यूमर एण्ड करीकूलम डवलपमेंट विषय के अंतर्गत संदेश दिया।
कार्यक्रम के तृतीय सत्र का संचालन राजनीति विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. तुहीना जौहरी द्वारा किया गया, जिसमें लगभग 16 शोधपत्रों का वाचन किया गया। जिसकी अध्यक्षता अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीलांजना पाठक एवं रिपोटियर डॉ. चित्रांसी वर्मा द्वारा किया गया।
चतुर्थ सत्र वक्ता बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ जरनेलिजम एण्ड मॉस मीडिया कम्यूनिकेशन के सीनियर प्रोफेसर प्रो. बाला लखेन्द्र ने आपने ‘टेक्नोलॉजी एण्ड स्ट्रीम एजूकेशन’ विषय के अंतर्गत संदेश दिया।
चतुर्थ सत्र संचालन कॉमर्स विभाग के डॉ. कुदैसिया रजा द्वारा किया गया। जिसमें लगभग 15 शोधपत्रों का वाचन किया गया। जिसकी अध्यक्षता संत अलॉयसियस (स्वशासी) महाविद्यालय की उप प्राचार्य (एकाडमिक) डॉ. अंजली डिसूजा एवं रिपोटियर डॉ. लक्ष्मीकॉत पाण्डेय द्वारा किया गया।
मंच संचालन डॉ. निधी खुराना एवं जतिन जैन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मीता अग्रवाल द्वारा किया गया।
द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में लगभग 153 प्रतिभागियों द्वारा सहभागिता की गई। दो प्रतिभागियों द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी संबंधी फीडबेक प्रस्तुत किया गया एवं बेस्ट पेपर अवार्ड सत्रानुसार प्रतिभागियों को दिया गया।
कार्यकम महाविद्यालय के चयनित विशप (प्राचार्य) जी. वलन अरासू एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ. फॉदर बेन एन्टोन रॉस के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। जिसमें डॉ. रोशन सोंधिया, हरीश दुबे, डॉ. तापसी नागराज, डॉ. जरीन बक्स, डॉ. सुशमा पिल्ले, सीमा पोटफोडे नेहा नामदेव, वीरेन्द्र कुमार चुटेलकर, ज्योति राजपूत का सहयोग सराहनीय था।


