नेशनल लोक अदालत में हुआ 3539 प्रकरणों का निराकरण

सीधी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय सीधी एवं सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन एवं मझौली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार पाण्डेय, कलेक्टर साकेत मालवीय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड. बृजेन्द्र सिंह एवं अन्य न्यायाधीशगणो द्वारा जिला न्यायालय परिसर में दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार पाण्डेय ने कहा कि आपसी राजीनामा से प्रकरणों का निराकरण सर्वोत्तम तरीका है, जिससे समय एवं धन की क्षति रूकती है और मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकारों को मदद होती है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओ से प्रकरणों का जल्दी निराकरण करने की अपील की एवं अभिभाषकगण से सहयोग की अपेक्षा की एवं अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर साकेत मालवीय ने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित एवं विश्वसनीय न्याय प्राप्त हो जाता है। लोक अदालत सस्ता सुलभ एवं विश्वसनीय न्याय है। पिछले कई सालों में 8-10 करोड़ प्रकरणों का निराकरण हुआ है।
साकेत मालवीय ने कहा कि सीधी जिले में पक्षकारों को लोक अदालत के माध्मय से न्याय दिलाने में प्रभावी कार्यवाही करेंगे। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड. बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि लोक अदालत कानून की जटिलता से बीच का रास्ता निकालती है। लोक अदालत की अपीले नहीं होती है। नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर प्रकरणों का निराकरण होता है। एड. बृजेन्द्र सिंह ने अभिभाषकगण को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण करने हेतु बल दिया।

 

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