इंदौर। महानगर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के कारण शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई। मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। इस मौत के बाद मामले में अब तक कुल 31 लोगों की जान जा चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मिलने पहुंचे थे। तब उन्होंने उनके बेटे से हाल पूछा था।
एकनाथ सूर्यवंशी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को पहले शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया।
यहां 4 जनवरी को उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। उनका इलाज करीब 30 दिनों तक चला, जिसमें वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम को परिजन अपनी सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए थे, जहां उनकी मौत हो गई।
डॉक्टरों के मुताबिक एकनाथ सूर्यवंशी की दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं, लिवर खराब था और बीमारी का असर हार्ट और ब्रेन तक पहुंच गया था। दूषित पानी के कारण ज्यादातर मरीजों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बनी।
सूर्यवंशी जल संसाधन विभाग में 1983 से दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत रहे थे। कई वर्षों बाद उन्हें स्थायी किया गया, लेकिन उस समय उनका वेतन करीब 18 हजार रुपए था और उन्हें पेंशन सहित अन्य सेवा लाभ नहीं मिल पाए। इसी को लेकर उनका मामला हाई कोर्ट में लंबित है। उनकी पत्नी शकुंतला (63) हार्ट पेशेंट हैं, जबकि उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है।


