उमरिया। जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे बेल्दी गांव में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई जब एक बाघ को पहले खेत में बैठे देखा गया और फिर वह सीधे गांव की आबादी में घुस आया।
बाघ की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डरने लगे, जबकि कई ग्रामीण उत्सुकता में उसे देखने मौके पर पहुंच गए।
हालात तब और भयावह हो गए जब बाघ गांव में स्थित दुर्गा प्रसाद द्विवेदी के मकान के अंदर घुस गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ घर के भीतर बिस्तर पर जाकर बैठ गया और कुछ देर तक वहीं विश्राम करता रहा।
घर के अंदर बाघ के पहुंचने की खबर से गांव में दहशत फैल गई।
आसपास के घरों के लोग दरवाजे बंद कर सहमे रहे और बच्चों व बुजुर्गों को सुरक्षित कमरों में रखा गया।
इसी दौरान एक और गंभीर घटना सामने आई।
बताया जा रहा है कि बाघ ने स्थानीय ग्रामीण गोपाल पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हमले में गोपाल लहूलुहान हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इस घटना के बाद ग्रामीणों का भय और अधिक बढ़ गया है।
सूचना मिलते ही पनपथा बफर क्षेत्र की वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
वन अमले ने गांव और आसपास के इलाके में घेराबंदी कर बाघ की लगातार निगरानी शुरू कर दी है। वहीं, ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, भीड़ न लगाएं और बाघ को देखने या उसका वीडियो बनाने की कोशिश न करें।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बेल्दी गांव बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगा हुआ क्षेत्र है और यहां पहले भी बाघों की आवाजाही देखी जाती रही है। हाल ही में चिल्हारी के गड़रिया हार क्षेत्र में देखी गई एक बाघिन को 26 दिसंबर को रेस्क्यू कर माधव टाइगर रिजर्व भेजा गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि बाघ आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं।
फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता बाघ को सुरक्षित तरीके से गांव से बाहर निकालना और किसी भी तरह की जनहानि को रोकना है। गांव में निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीण दहशत के साये में दिन गुजार रहे हैं।


