सीधी। लंबे अरसे से सुर्खियों में बना #78 सिहावल विधानसभा का क्षतिग्रस्त पुल, जिसे लेकर विधानसभा के चुनाव में बड़ी सुर्खियों में था। यह क्षतिग्रस्त पुल सत्ता पक्ष के नेता हो या फिर विपक्ष के दोनों ही इस पुल के माध्यम से अपनी राजनीति रोटी सेकने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई थी। कई बार क्षतिग्रस्त पुल के साथ फोटो ग्राफ भी हुआ और नारियल भी फोड़ा गया था परंतु आज की स्थिति राधे-राधे।
बता दे कि आज से 2 वर्ष पहले बहरी से अमिलिया के बीच आने वाली जोगदहा पुल को जिला कलेक्टर प्रशासन के द्वारा बंद कर दिया गया था, जिस पर हैवी वाहन और बस को बंद कर दिया गया था। जिससे मुसाफिरों को काफी परेशानी हो रही थी।
कई बार खबर प्रशासन के बाद इस पुल को बंद किया गया और 24 घंटे के अंदर खोल दिया गया। बड़ा अहम सवाल यह खड़ा होता है कि किसके अनुमति से आखिर क्षतिग्रस्त पुल को खोल दिया जाता है।
नियम का उल्लंघन करने पर मफियाओं के द्वारा फिर कार्यवाही क्यों नहीं की जाती।
सूत्रों के अनुसार सेवा शुल्क लेकर आवागमन माफियाओं के लिए निशुल्क हो जाता है सच है पर कड़वा है।
जिसको देखते हुए प्रशासन ने सिर्फ चार चक्के तक के वाहन को इस पर से जाने की अनुमति थी। किंतु देखने में आ रहा है कि खुलेआम हाईवे एवं 709 गाड़ी बालू लेकर निकल रहे हैं। जिस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई ना तो पुलिस प्रशासन के द्वारा ना तो खंड प्रशासन के द्वारा की जा रही है। और साथ ही कोई व्यक्ति यदि लोड वाहन की फोटो या वीडियो बनाता है तो उसके मोबाइल को छीन वीडियो फोटो डिलीट कर दी जाती है। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी जाती है।
प्रशासन द्वारा इन पर किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यावाही ही नहीं की जा रही है।


