नर्मदा परिक्रमा पर निकले 65 वर्षीय सुल्तान खान, बोले कि मुसलमान हूं, खूब नमाज पढ़ी-जमातों में भी गया, लेकिन चमत्कार किया नर्मदा मां ने

DR. SUMIT SENDRAM

बड़वानी। कार्तिक पूर्णिमा से प्रारम्भ हुई लगभग 3500 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा में इस बार एक अलग तरह के श्रद्धालु भजन गाते हुए कदम बढ़ा रहे हैं। रास्ते में जब उन्हें कोई हिंदू नजर आता है तो वे हर-हर नर्मदे कहते हैं। लेकिन, जब कोई मुस्लिम दिखे तो उससे अदब के साथ अस-सलाम-अलैकुम कहना नहीं भूलते।
नर्मदा परिक्रमा के यात्रियों के बीच से अस-सलाम-अलैकुम सुन सामने वाला चौंक जाता है।
दरअसल, ये शख्स हरदा जिले के आफगांव कला गांव निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग सुल्तान खान हैं।
माँ नर्मदा भक्त परिक्रमावासी सुल्तान खान ने बताया मुसलमान हूं। खूब नमाज पढ़ी, जमातों में भी गया। लेकिन, मैंने जो चाहा वो मुझे मां नर्मदा ने दिया। इसलिए मेरी श्रद्धा और आस्था समय के साथ मां नर्मदा के प्रति होती गई। एक-दो नहीं मेरे सात बेटे हैं। मजदूर आदमी हूं। मेरे पास कुछ नहीं है। गरीब आदमी के घर कौन अपनी बेटी की शादी करेगा। बहुत परेशान हो गया था। मां नर्मदा ने मुझे बहुत दिया है। उन्हीं से मन्नत मांग ली कि बेटों की शादी हो जाएगी तो परिक्रमा करूंगा। देखते ही देखते तीन चार साल में छह बेटों की शादी हो गई। एक बचा है। मां की कृपा से उसकी भी हो जाएगी। अब मुझे क्या चाहिए। अब में मां को दिया हुआ अपना वचन निभाने निकला हूं। कार्तिक पुर्णिमा से परिक्रमा शुरू की है।
बुजुर्ग परिक्रमावासी सुल्तान खान ने आगे बताया कि बच्चों का घर परिवार बस जाए, इसलिए उन्होंने मां नर्मदा से मन्नत मांगी थी। जब उनकी शादी हो गई और मैंने अपनी इच्छा के बारे में उन्हें बताया तो उन्होंने मुझे यात्रा के लिए रुपए देने से मना कर दिया। लेकिन, मुझे तो अपना संकल्प पूरा करना था। मां नर्मदा ने प्रेरणा दी और मैं परिक्रमा पर निकल गया।
उन्होंने बताया कि यात्रा शुरू हुए करीब 10 दिन हो गए हैं। मैया के सहारे रास्ते भर भोजन-पानी की सेवा मिल रही हैं। जीवन में दोबारा मौका मिला तो वे आगे भी परिक्रमा का सिलसिला जारी रखेंगे।

 

Next Post

वैवाहिक भोज खाने से 67 लोग हुए बीमार, 20 बीमारों को अस्पताल में किया गया भर्ती, प्रशासन ने जाँच के लिए लिया सेम्पल

आगरा मालवा। नलखेड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम धरोला में शनिवार रात एक वैवाहिक समारोह के भोज के बाद 67 लोग बीमार पड़ गए। भोज के बाद से ही ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द होने लगी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। सूचना […]