बच्चे की तबीयत बिगड़ने से जयपुर से बेंगलुरु जा रहे एयर इंडिया फ्लाइट की इंदौर में इमरजेंसी लैंडिंग, अस्पताल पहुंचाने से पहले बच्चे की मौत

DR. SUMIT SENDRAM

इंदौर। जयपुर से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को इंदौर में इमरजेंसी लैंडिंग कराया गया। विमान में सवार एक साल के बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (आई एक्स1240) मंगलवार को जयपुर से शाम 5:30 बजे रवाना होकर रात 8:10 बजे बेंगलुरु पहुंचने वाली थी। यात्रा के दौरान विमान में सवार एक साल के बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसकी सूचना परिजनों ने तुरंत एयर होस्टेस को दी।
गंभीर स्थिति होने पर पायलट ने नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर से शाम करीब 7:20 बजे संपर्क किया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को इंदौर एयरपोर्ट पर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति दी और एयरपोर्ट पर मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। इलाज के लिए एयरोब्रिज पर ही डॉक्टरों की टीम तैनात कर दी गई।
शाम 7:50 बजे विमान के लैंड करते ही बच्चे को तुरंत बाहर लाया गया। विमान में मौजूद एक डॉक्टर पहले से ही बच्चे को सीपीआर दे रहे थे। इंदौर एयरपोर्ट पर मौजूद डॉक्टरों ने भी लगातार सीपीआर देते हुए बच्चे को एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे डॉल्फिन हॉस्पिटल रेफर किया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी।
हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि बच्चे का नाम मो. अबरार था और उसकी उम्र एक साल थी। वह अपने पिता मो. अजलान, मां फिरोजा और बड़े भाई के साथ जयपुर से बेंगलुरु अपने घर जा रहा था।
बताया जा रहा है कि फ्लाइट में बैठने से पहले ही बच्चे की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी।
आशंका जताई जा रही है कि उड़ान के दौरान पानी या दूध पिलाते समय वह श्वासनली में चला गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

 

Next Post

भस्म आरती में भगवान महाकाल का रजत त्रिपुण्ड-आभूषण-मुकुट और रुद्राक्ष की माला अर्पित कर किया गया श्रृंगार

उज्जैन। बुधवार तड़के भस्म आरती के दौरान विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए। सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन कर आज्ञा लेकर चांदी द्वार को खोला गया। गर्भगृह के पट खोलकर पुजारी ने भगवान का श्रृंगार उतार कर पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती […]