इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सात सटोरियों को पकड़ा है। पुलिस का दावा है कि सटोरियों का नेटवर्क भारत से दूर विदेशों में बैठे संगठित गिरोह से जुड़ा है।
आरोपी ‘डायमंड सर्वर’ के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट और कैसीनो सट्टा संचालित कर रहे थे।
पुलिस ने 39 मोबाइल, 1.40 लाख नगद और अन्य सामग्री भी जब्त की है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मीना चौहान ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर मंगलवार रात करीब पौने एक बजे उषा नगर स्थित साईं नयन अपार्टमेंट में दबिश दी, जहां आरोपी लैपटॉप और मोबाइल के जरिए सट्टे का पूरा नेटवर्क ऑपरेट करते मिले।
पुलिस ने मौके से शशांक अग्रवाल (शिवपुरी), मुकेश गुप्ता (शिवपुरी), निखिल कौशल (शिवपुरी), शुभम कौशल (शिवपुरी), जतिन शर्मा (गुना), अर्पित तिवारी (शिवपुरी) और प्रियांश जैन (शिवपुरी) को पकड़ा।
पुलिस ने मौके से आरोपियों के 39 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 1 लाख 40 हजार रुपये कैश और हिसाब जब्त किया।
एडीसीपी के मुताबिक आरोपी दिल्ली और दुबई में बैठे मुख्य सरगनाओं से ऑनलाइन आईडी प्राप्त कर ग्राहकों को उपलब्ध कराते थे। ग्राहक इन आईडी के जरिए सट्टा खेलते थे और बदले में रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराते थे। इसके एवज में उन्हें डिजिटल ‘पॉइंट्स’ दिए जाते थे, जिनसे सट्टेबाजी संचालित होती थी।
यह गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टा संचालित करता था। ग्राहकों को लॉगिन आईडी देकर उन्हें वेबसाइट्स से जोड़ा जाता था, जहां वे क्रिकेट और कैसीनो गेम्स पर दांव लगाते थे। पूरा सिस्टम ‘डायमंड सर्वर’ के जरिए कंट्रोल होता था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।


