मप्र पुलिस में पहली बार लागू होगी प्रशिक्षण नीति, साइबर क्राइम, एआई और डिजिटल फोरेंसिक में दक्ष होंगे जवान

DR. SUMIT SENDRAM

भोपाल। साइबर अपराध, संगठित अपराध, देशविरोधी गतिविधियों जैसी अपेक्षाकृत नई चुनौतियों से निपटने के लिए प्रदेश पुलिस अब और दक्ष होगी।
मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार प्रशिक्षण नीति लागू होने जा रही है। इसे डीजीपी कैलाश मकवाणा ने स्वीकृति दे दी है। इसी माह से नियुक्त होने जा रहे पुलिस आरक्षकों के नए बैच से इसे लागू करने की तैयारी है।
नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और अर्धसैनिक बलों के प्रशिक्षण से भी कुछ सामग्री ली गई है। इसमें साइबर कानून, साइबर हाइजीन, डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीएनएस जैसे ऑनलाइन पोर्टल चलाने और मार्शल आर्ट जैसी आत्मरक्षा की विधाओं को जोड़ा गया है।
अंग्रेजों के समय प्रशिक्षण के जो मैन्युअल बने थे, उन्हें ही पुलिस ने अपना लिया था। हालांकि, आवश्यकता की दृष्टि से बीच-बीच में पाठ्यक्रम में नए विषय जोड़े गए पर प्रशिक्षण नीति नहीं थी।
अब आरक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) तक को नई नीति के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पुलिस के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती अपराधों में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग है। इसके समाधान के लिए पुलिस में कई महत्वपूर्ण काम ऑनलाइन किए गए हैं और कई पोर्टल बनाए गए हैं।
अब पुलिसकर्मियों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (सीसीटीएनएस), इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईजीजेएस) और मेटा डेटा विश्लेषण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसी तरह पुलिसिंग में एआई के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण के अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं।
नई नीति में विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी की बात भी शामिल है।
इसके तहत विश्वविद्यालयों में साइबर कानून, डिजिटल फॉरेंसिक (डिजिटल उपकरणों से डाटा रिकवरी आदि) और एआई आधारित पुलिसिंग में सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे।
नीति में डिजिटल ट्रेनिंग पर भी विशेष फोकस किया गया है, जिसके लिए स्मार्ट क्लासरूम और मोबाइल-आधारित लर्निंग का उपयोग किया जाएगा।
विशेष रूप से कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर के लिए आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की तकनीकें जैसे लाठी, कलरिपयट्टू, क्राव मागा और मल्लखंभ को नियमित शारीरिक प्रशिक्षण के अंश के तौर पर शामिल किया गया है।
इसके साथ ही मानसिक मजबूती और स्वास्थ्य के लिए योग-ध्यान भी अब पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा होगा।

 

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