एक लाख रूपये के ईनामी खनन माफिया को पुलिस ने नागपुर से किया गिरफ्तार, धोखाधड़ी व जालसाजी के लगभग 18 मुकदमे है दर्ज

DR. SUMIT SENDRAM

जबलपुर। लम्बे समय से फरार चल रहे करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े के आरोपी व खनन माफिया अमित खंपरिया आखिरकार पुलिस की रडार में आ ही गया। जबलपुर पुलिस ने नागपुर से उसे उस दौरान गिरफ्तार किया, जब वह पिता और भतीजी के साथ किराए का अपार्टमेंट लेकर रह रहा था। शनिवार को जबलपुर पुलिस उसे गिरफ्तार करने के बाद नागपुर से निकल चुकी है।
अमित के पिता के खिलाफ भी मंडला पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले पर कार्रवाई करते हुए उसे भी नागपुर से पकड़ा है।
पुलिस द्वारा अमित के खिलाफ एक लाख रुपए ईनाम की घोषित किया गया था।
अमित खंपरिया ने मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के कई बड़े व्यापारियों से इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए लिए और फिर उसे हड़प लिया।
बता दे कि लंबे समय से फरार चल रहे खनन माफिया अमित खंपरिया की गिरफ्तारी को लेकर क्राइम ब्रांच सहित संजीवनी नगर, मदनमहल थाना पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हई थी। जबलपुर रेंज के आईजी ने उस पर 70 हजार जबकि बालाघाट आईजी ने 30 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था।
फरार अमित खंपरिया के खिलाफ थाना संजीवनी नगर में 2022 में हुए अपराध के बाद धारा 420, 406, 386, 294, 323, 506 एससी एसटी तथा थाना मदनमहल धारा 420, 406, 467, 468, 471, 474, 112, 120 बी, 109, 204 के प्रकरण में फरार घोषित किया हैं।
आरोपी को गिरफ्तार करने वाले या सूचना देने वाले को संजीवनी नगर के दोनों प्रकरणों में 15 हजार रुपए एवं थाना मदन महल के प्रकरण में 15 हजार रुपए के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा पुलिस उप महानिरीक्षक जबलपुर रेंज अतुल सिंह ने की थी।
अमित खंपरिया पिता अनिरुद्ध खंपरिया निवासी दुर्गा कॉलोनी संजीवनी नगर पर उद्घोषित इनाम राशि में बढ़ाने के लिए महानिरीक्षक जबलपुर प्रमोद वर्मा को भेजा और उस पर 30 हजार रुपए के नगद पुरस्कार की उद्घोषणा की गई है।
बता दे कि अमित खंपरिया के आपराधिक रिकॉर्ड में धोखाधड़ी और जालसाजी के करीब 18 मामले दर्ज हैं।
आरोपी दिसंबर, 2023 से फरार है, जब उसे दी गई जमानत रद्द कर दी गई थी।
कुछ दस्तावेज यानी तालाशी पंचनामा इस न्यायालय के समक्ष दायर किए जाते हैं, लेकिन पूरे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं। तलाशी पंचनामा में भी दिखाया गया कि उसका पता नहीं चल सका है और जबलपुर पुलिस अधीक्षक और आईजी ने पुरस्कार घोषित किया।
जबकि, कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारी केवल एक आकस्मिक खोज कर रहे हैं और अपने प्रयासों का प्रदर्शन कर रहे हैं। एफिडेविट के साथ 5 अगस्त को छोड़कर कोई भी तलाशी पंचनामा दाखिल नहीं किया गया है।
धोखाधड़ी के मामले मे मंडला पुलिस ने अमित खंपरिया के पिता अनिरुद्ध खम्परिया (चतुर्वेदी) को नागपुर से गिरफ्तार किया है। अनिरुद्ध के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज है। जिस पर बेटे अमित के साथ वह भी फरार चल रहा था।

 

Next Post

पांच शावकों के साथ दिखी 'जुगनी' बाघिन, पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटक हुए रोमांचित

सिवनी। जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में नन्हें शावकों के साथ बाघिन को देखने का रोमांच पर्यटकों को हो रहा है। रविवार सुबह अपने पांच शावकों के साथ खवासा बफर की ’जुगनी’ बाघिन को कच्ची सड़क में चहल कदमी देखकर पर्यटक रोमांचित हो गए। रविवार की सुबह खवासा-तेलिया गेट में […]