दमोह। मंगलवार दोपहर जिला न्यायालय परिसर में एक युवक ने आत्मदाह का प्रयास कर सनसनी फैला दी।
युवक का आरोप है कि उसके भाई को एक फर्जी लोन घोटाले में बेवजह फंसाया गया है, जिससे नाराज होकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
जानकारी के मुताबिक जिला न्यायालय परिसर में होशंगाबाद जिले के कालका नगर निवासी जतिन चौरे नामक युवक ने पहले अपनी कलाई ब्लेड से काटी, फिर सिर पर ज्वलनशील केमिकल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को तुरंत रोक लिया और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल अवस्था में जतिन ने बताया कि दमोह के हिंडोरिया एसबीआई शाखा में हुए फर्जी लोन केस में उसके भाई का नाम भी आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि उसका भाई कभी उस ब्रांच गया ही नहीं।
जतिन के मुताबिक असली आरोपी भाग चुके हैं और उनके स्थान पर पुलिस ने उसके निर्दोष भाई को पकड़ लिया है।
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि अस्पताल में युवक से पूछताछ की गई, लेकिन वह घबराहट में कुछ स्पष्ट नहीं बता सका। हालांकि, उसने आरोप जरूर लगाया कि पुलिस ने उसके भाई को गलत तरीके से फंसाया है।
इस मामले को लेकर हिंडोरिया पुलिस का भी बयान सामने आया है।
हिंडोरिया थाने के उपनिरीक्षक धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2021 में एसबीआई हिंडोरिया ब्रांच में फर्जी तरीके से रेलवे कर्मचारियों की नकली सैलरी स्लिप बनाकर चार लोन लिए गए थे, जिनकी रकम करीब 15-15 लाख रुपए थी। इस घोटाले में निखिल चौरे, दीपक जैन, राजा खान सहित सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें से छह आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक अभी फरार है।


