भोपाल। राजधानी स्थित पुलिस हेडक्वाटर में मेडिकल शाखा के अधिकारियों ने फर्जी बिल बनाकर 15 लाख रुपए हड़प लिए।
पुलिस मुख्यालय में मेडिकल विभाग के प्रभारी सहा. उप निरीक्षक हर्ष वानखेड़े, सूबेदार (कैशियर) नीरज कुमार एवं सहायक कर्मी प्रधान आरक्षक राजपाल ठाकुर ने पीटीआरआई (पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट) के 25 कर्मचारियों का मेडिकल बिल लगा कर 15 लाख रुपयों का आपस में बंदरबाट कर लिए।
वही, मामला उजागर होने पर तीनो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गया। जिसके बाद तीनों फरार हो गए।
उप पुलिस अधीक्षक ओपी मिश्रा ने कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मंगलवार को सौंपा था। इसके आधार पर जहांगीराबाद पुलिस ने कूट रचित दस्तावेज और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
बता दें कि फरवरी महीने में ही तीनों आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया था।
विभागीय जांच में पता चला कि आरोपी पहले पीटीआरआई कर्मचारियों के नाम से मेडिकल बिल पास कराते थे। इसकी राशि कर्मचारियों के बैंक खातों में ही जमा होती थी। इसके तुरंत बाद आरोपियों में से एक नीरज कुमार, पीटीआरआई कर्मचारियों को कॉल कर बताता था कि मेडिकल शाखा की गलती से ये राशि आपके बैंक खाते में पहुंच गई है। ये झांसा देकर आरोपी अपने खातों में रकम ट्रांसफर करा लेते थे।
नीरज ने कुछ ही दिनों में एक-एक करके कई कर्मचारियों को कॉल किया। इस पर उनको शक हुआ, जिसके बाद वे वरिष्ठ अधिकारी के पास शिकायत करने पहुंचे।
गौरतलब है कि आरोपियों के खिलाफ इसी वर्ष फरवरी महीने में भी एक एफआईआर दर्ज हुई थी। तब पीएचक्यू की गोपनीय जांच में खुलासा हुआ था कि लेखा शाखा में पदस्थ रहने के दौरान तीनों पुलिसकर्मियों ने कूट रचित दस्तावेजों को तैयार कर 76 लाख की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
इसमें तीनों ने अपने और परिजन के नाम पर फर्जी मेडिकल बिल तैयार किए और भुगतान करा लिए। ट्रेजरी से मिले इनपुट के बाद जांच कराई गई। इस वारदात का खुलासा होते ही पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जहाँगीराबाद थाना प्रभारी सीबी राठौर ने बताया कि
पीटीआरआई के कर्मचारियों ने फरवरी 2025 में आवेदन देकर मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियो को दी थी।
जांच में खुलासा हुआ कि सहा. उपनिरीक्षक हर्ष वानखेड़े, सूबेदार नीरज कुमार और प्रधान आरक्षक राजपाल ठाकुर ने 2023 से जुलाई 2025 के बीच फर्जी मेडिकल बिल पास कर सरकारी राशि अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराई है।
तीनो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है, फिलहाल तीनो की गिरफ्तारी नहीं हुई है।


