शिवपुरी। नव वर्ष पर्यटन के लिए नई उम्मीदें लेकर आ रहा है।
एक जनवरी से माधव राष्ट्रीय उद्यान में भी 27 वर्ष बाद टाइगर टूरिज्म शुरू किया जा रहा है। यहां पर पुनर्स्थापित किए गए तीन बाघों को अब पर्यटक देख सकेंगे।
पर्यटक माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ देखने के बाद पोहरी होते हुए शिवपुरी में ही स्थित अहेरा गेट से कूनो जा सकेंगे और वहां पर सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। आने वाले समय में वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह जगह सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी।
बता दें कि टाइगर टूरिज्म के लिए माधव राष्ट्रीय उद्यान में भरकुली को नवीन पर्यटन क्षेत्र घोषित किया गया है।
एक जनवरी की सुबह यहां से पर्यटकों को प्रवेश देना शुरू किया जाएगा, जिसके लिए टिकट सेलिंग क्लब पर मिलेंगे। पर्यटकों को 13 किमी लंबे सर्किट पर सैर कराई जाएगी।
यह वह क्षेत्र है, जहां पर तीन बाघों ने अपनी टेरिटरी बनाई है और यहां पर इन्हें देखे जाने की सर्वाधिक संभावनाएं हैं। अन्य टाइगर रिजर्व से अलग अभी निजी वाहनों को भी प्रवेश की अनुमति होगी, क्योंकि पार्क प्रबंधन के पास जिप्सी की व्यवस्था नहीं है। इस 13 किमी के रास्ते में गतवाया तालाब भी आता है, जिस पर पर्यटक बर्ड वाचिंग कर सकेंगे। आने वाले दिनों में यहां पर बोटिंग भी कराई जाएगी।
मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि कूनो और माधव राष्ट्रीय उद्यान के बीच कारिडोर पहले से ही बना हुआ है। यहां से वन्यजीव आ-जा चुके हैं। एक जनवरी से माधव राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटक बाघ भी देख सकेंगे। निश्चित ही यहां पर्यटकों को दोनों जगह होने से लाभ मिलेगा।

