भोपाल। रक्षाबंधन का त्यौहार जहां भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक है, वहीं यह एक-दूसरे की सुरक्षा और जिम्मेदारी का भी संदेश देता है।
शुक्रवार को इसी भावना को केंद्र में रखते हुए राजधानी भोपाल के व्यापम चौराहे पर एका वेलफेयर फाउंडेशन ने “एक रक्षासूत्र, सुरक्षा के नाम” शीर्षक से विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किया।
इस दौरान लोगों से अपील की गई कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और ट्रैफिक नियमों का सम्मान करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत बननी चाहिए।
फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा बग्गा ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया कि राखी का यह धागा सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक वादा है अपनों की सुरक्षा और जीवन की हिफाजत का। जब कोई व्यक्ति सड़क पर निकलता है, तो उसके पीछे कोई उसका इंतजार करता है मां, बहन, जीवनसाथी या बच्चे। इस रक्षाबंधन पर हम संकल्प लें कि खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए हर ट्रैफिक नियम का पालन करेंगे। यही अपनों के प्रति सबसे बड़ी सेवा है और यही सच्चा रक्षा-सूत्र भी।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी यही कामना है कि हर व्यक्ति अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचे, हर रिश्ता जीवित रहे और हर परिवार मुस्कुराता रहे। रक्षाबंधन हमें याद दिलाता है कि जीवन की रक्षा, सबसे बड़ा उपहार है।
कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ओर से राहगीरों को प्रतीकात्मक राखियां, सुरक्षा-संदेश वाले स्टिकर्स और ट्रैफिक नियमों से संबंधित जानकारी-पुस्तिकाएं वितरित की गई।
आयोजन में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और ट्रैफिक पुलिस प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रक्षाबंधन के मौके पर एका वेलफेयर फाउंडेशन ने एक अनोखा संदेश दिया। “एक रक्षासूत्र, सुरक्षा के नाम” अभियान के जरिए लोगों से अपील की गई कि जैसे राखी अपनों की रक्षा का वादा है, वैसे ही ट्रैफिक नियमों का पालन करना भी हमारी जिम्मेदारी है।


