मप्र विधानसभा शीतकालीन सत्र में 13474 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, मुख्यमंत्री बोले कि प्रदेश को विकसित राज्य बनाएगें

DR. SUMIT SENDRAM

भोपाल। मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन दूसरे 13474 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित चर्चा के बाद पारित हो गया।
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए, वहीं, सरकार की तरफ से जवाब देते हुए कहा गया कि विकास में किसी तरह का भेदभाव नहीं करेंगे।
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं गिनाई।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश पर कुल कर्ज में 130% की बढ़ोतरी हुई है और सरकार अधिक दरों पर ऋण क्यों ले रही, जबकि कई राज्य इससे कम दर पर कर्ज ले रहे हैं। जल जीवन मिशन में 250 से ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करना पड़ा। उनका आरोप था कि कई योजनाएं धनाभाव के कारण ठप पड़ी हैं। साथ ही उन्होंने 5 करोड़ की विधायक निधि का भी मुद्दा उठाया, जिसका जिक्र मुख्य बजट में किया गया था।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही उपार्जन, भावांतर, लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए भी दूसरे अनुपूरक बजट में पर्याप्त प्रावधान शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कर्ज लेकर राजस्व में खर्च नहीं कर रही, बल्कि पूंजीगत मद में निवेश कर रही है। देवड़ा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेकर वेतन बांटे और अपने घर भर लिए। हम नियमानुसार कर्ज ले रहे हैं और समय पर ब्याज व किस्त चुका रहे हैं।
जगदीश देवड़ा ने आगे कहा कि सरकार हर क्षेत्र में समान गति से विकास कार्य कर रही है और कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में भी काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप मानें या न मानें, लेकिन कर्ज का उपयोग विकास में हुआ है। जनता हमारे काम को स्वीकार कर रही है क्योंकि पूरे देश में हमारी सरकारें बन रही हैं। जहां पहले आपकी सरकारें थीं, वहां भी अब हमारा शासन है।
चर्चा के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने विकास के मुद्दों पर एकजुट होकर काम किया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश ने हाल ही में तीन चीते को जंगल में आजाद करके वन संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सोयाबीन के लिए भावांतर योजना में भी प्रदेश नई कहानी लिख रहा है। सीएम ने कहा कि भोपाल को कश्मीर जैसा अनुभव देने वाली शिकारा सुविधा मिलना प्रदेश के पर्यटन विकास की नई दिशा है।
उन्होंने आगे कहा कि अनुपूरक बजट राज्य के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने दृढ़ स्वर में कहा कि हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक मध्यप्रदेश को विकसित प्रदेश बनाकर खड़ा नहीं कर देते। यह केवल हमारा मिशन नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी और धर्म है।

 

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