भोपाल। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील चार इमली क्षेत्र में आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीष से हुई लूट का सनसनीखेज मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने तीन दिन में जहां 100 से अधिक सीसीटीवी खंगाले, वहीं 50 से अधिक संदेहियों से पूछताछ की थी। अंतत: पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी इस वारदात का सुराग वहीं से मिला, जहां आरोपियों ने लूटे गए मोबाइल फोन को ऑफ किया था।
हिरासत में लिए गए तीन आरोपियों में से दो नाबालिग हैं। उनके पास से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है।
एसीपी (हबीबगंज) उमेश तिवारी ने बताया कि इस मामले की सुलझाने के लिए हबीबगंज एवं टीटी नगर थाने की संयुक्त टीम बनाई गई थी। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर लगे 100 से अधिक कैमरों के फुटेज खंगाले गए। चार इमली, अरेरा कॉलोनी में पहले वारदात कर चुके बदमाशों से भी सघन पूछताछ की गई।
चूना भट्टी के जिस स्थान दुर्गानगर में आरोपियों की अंतिम लोकेशन मिली थी। उसके आसपास चप्पे-चप्पे पर सर्चिंग की गई। मुखबिर तंत्र और साइबर तकनीक की मदद से अंतत: मामला सुलझा लिया गया।
इस मामले में तीन आरोपियों को अभिरक्षा में ले लिया गया है। इनमें से एक नाबालिग दुर्गानगर का रहने वाला है। उसके खिलाफ चूनाभट्टी थाने में एक प्रकरण पहले से दर्ज है। दूसरा नाबालिग और तीसरा आरोपी 18 वर्षीय आदित्य करंजिया भी कोलार कॉलोनी का रहने वाला है।
बता दे कि मंगलवार रात 10 बजे आईजी (इंटेलिजेंस) डॉ. आशीष चार इमली क्षेत्र में अपने घर के पास पत्नी के साथ घर के पास टहल रहे थे। तभी ई-11 की लाइन के सामने बाइक पर आए तीन लड़के उनके हाथ से दो मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गए थे।
घटना का पता चलते ही शहर में हड़कंप मच गया था।
सर्चिंग के दौरान लूटा गया आईफोन घटनास्थल के पास से ही बरामद हो गया था। उसमें स्क्रीन पर डॉ. आशीष का वर्दी वाला फोटो मौजूद था।
वही, दूसरे मोबाइल फोन को बदमाशों ने चूनाभट्टी के दुर्गानगर में बंद कर दिया था।
हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि लूटे गए दूसरे फोन को आरोपियों ने चूना भट्टी थाने के पास स्थित स्वर्ण जयंती पार्क में गड्ढा खोदकर दबा दिया था।


