कोतवाली परिसर में पीड़ित केंद्रित प्रावधान जन जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

DR. SUMIT SENDRAM

डिंडोरी। मंगलवार को भारतीय न्याय संहिता लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने पर कोतवाली थाना परिसर में पीड़ित केंद्रित प्रावधान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस जन जागरूकता कार्यक्रम में जनता को आपराधिक न्याय प्रणाली, पीड़ितों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और जरूरतों की प्राथमिकता से अवगत कराया गया।
इस दौरान पीड़ित केंद्रित प्रावधान पर पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह ने बताया कि अब पीड़ितों को भारतीय न्याय संहिता के द्वारा तय समय मे बेहतर न्याय मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व लागू तीन नये कानूनों से यह सुनिश्चित हो गया है कि पीड़ितों को न्याय प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए और उन्हें उचित सहायता एवं मुआवजा मिले।
महिलाओं एवं बच्चों के प्रति सवेंदनशीलता और आमजन के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार पर जोर देते हुये पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस उनकी सहायता हेतु सदैव तत्पर रहती है।
उन्होंने पीड़ित केंद्रित प्रावधान की जानकारी आमजन तक पहुंचने मैदानी स्तर पर जागरूकता शिविर लगाने की बात भी कही है।
पीड़ित केंद्रित प्रावधान के मुख्य पहलू के विषय मे जानकारी देते हुये पुलिस कप्तान वाहनी सिंह ने कहा कि पीड़ित को न्याय प्रक्रिया में भागीदार बनने, पीड़ितों को कार्यवाही के बारे में सूचित करने, सुनवाई में भाग लेने और अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अति. जिला सत्र न्यायाधीश आशीष कुमार केशरवानी ने पीड़ित की सुरक्षा और गोपनीयता को अहम बताते हुये कहा कि प्रावधानों के मुताबित पीड़ितों को धमकी, उत्पीड़न और गोपनीयता के उल्लंघन से बचाया जाना चाहिए।
उन्होंने पीड़ित के मुआवजा और पुनर्वास योजना के विषय मे भी नागरिकों को जानकारी दी।
जागरूकता कार्यक्रम में न्यायधीश आशीष केशरवानी ने प्रतिकर योजना से अवगत कराते हुये कहा कि पीड़ित को जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा निशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि पीड़ित की मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रित भी निःशुल्क विधिक योजना प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने हिट एंड रन मामलों में दो लाख की आर्थिक सहायता की जानकारी देते हुये आवेदन प्रक्रिया को भी समझाया।
कार्यक्रम में अति. पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी पुरुषोत्तम मरावी ने नागरिकों को बताया कि पीड़ितों के साथ सम्मान और गरिमा पूर्ण व्यवहार ही नये कानून का उद्देश्य है, जिसका पालन किया जाता है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को भारतीय न्याय संहिता के साथ पुलिस कार्रवाई के प्रति भी जनता को जागरूक किया।
वही, कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने पीड़ित-केंद्रित प्रावधान जागरूकता पर जोर देते हुये कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 360 के तहत पीड़ितों को अपनी बात रखने का अवसर देना और
पीड़ित मुआवजा योजना, अपराध पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास प्रदान करने का प्रावधान है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह ने हेलमेट लगाकर दुपहिया वाहन चलाने की अपील करते हुये जानकारी दी कि प्रदेश शासन ने राहवीर योजना भी लागू की है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायलों को गोल्डन आवर में उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान एसपी वाहनी सिंह ने बतलाया कि आगामी समय मे सभी थानों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी, जिससे गवाही, वारंट तामीली सहित अन्य कार्यों में सहूलियत मिलेगी।

 

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