इंदौर। गुरुवार की सुबह महानगर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें घर में आग लगने से कार शोरूम के संचालक की मौत हो गई। वही, उनके पत्नी और बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रवेश अग्रवाल के घर पर अचानक लगी आग देखते ही देखते पूरे घर में फैल गई। आग की लपटों में प्रवेश और उनका पूरा परिवार घिर गया। धुएं की वजह से उनका दम घुटने लगा।
घटना लसूड़िया थाना इलाके में सौम्या मोटर्स के ऊपर बने पेंट हाउस की है।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और सभी को अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सको ने प्रवेश को मृत घोषित कर दिया। प्रवेश की पत्नी रेखा की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। उनकी बेटी 14 वर्षीय सौम्या और 12 वर्षीय मायरा भी घायल हुई हैं।
आशंका है कि प्रवेश के पूजा के कमरे में अखंड ज्योत से आग लगी थी। इसके बाद हाईटेक इलेक्ट्रानिक सिक्युरिटी सिस्टम आग लगने से सेंट्रल लॉक जाम हो गया। इसके कारण उन्हें बाहर निकलने में परेशानी हुई। धुएं से दम घुटने से प्रवेश की मौत हो गई। आग लगने के बाद उन्होंने पूरे परिवार को बचा लिया लेकिन खुद को नहीं बचा पाए।
जानकारी के मुताबिक प्रवेश के सौम्या मोटर्स नाम से उनके कई शोरूम हैं। वह पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी थे। प्रवेश ने नर्मदा युवा सेना भी बनाई थी। हादसे के वक्त गार्ड भी मौजूद थे पर कोई मदद करने नहीं पहुंच पाया।
प्रवेश अग्रवाल ग्वालियर के रहने वाले थे और उनके भाई मुकेश अग्रवाल सहित परिवार के कई सदस्य वहीं रहते हैं। वे महाराष्ट्र और गुजरात में भी कई ऑटोमोबाइल एजेंसी चलाते थे। इसके साथ ही देवास क्षेत्र में भी वे राजनीतिक रूप से सक्रिय थे।
पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, इंदौर में आग लगने की दुर्घटना में कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के निधन और उनकी पत्नी के गंभीर रूप से अस्वस्थ होने का समाचार सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई। अग्रवाल कांग्रेस के सच्चे सिपाही थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। परिवार के अन्य सदस्यों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है। ओम शांति।
बता दे कि प्रवेश अग्रवाल ने देवास से 2022 में महापौर चुनाव में दावेदारी की थी। पत्नी श्वेता का नाम दौड़ में था। इसके बाद 2023 में विधानसभा चुनाव में दावेदारी की थी। नर्मदे युवा सेना के बैनर तले बड़ा कार्यक्रम किया था। 2027-28 में सम्भावित चुनावों को देखते हुए फिर से सक्रिय हुए थे। वे देवास में ऑफिस संचालित कर राजनीति करते थे। उनकी स्थानीय युवाओं की टीम थी। शुरुआत में उनके कमलनाथ समर्थक सज्जन वर्मा, मनोज राजानी से मतभेद हुए, बाद में साथ आ गए। 1 सितंबर को जन्मदिन मनाया था। तलवार से केक काटने के मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी।


