सीधी। मध्य प्रदेश का सीधी एक ऐसा जिला है जो हमेशा से किसी ना किसी मामले को लेकर सुर्खियां में बना रहता है।
यहां सरकारी आदेशो का पालन नहीं होता।
जिला कलेक्टर के द्वारा आदेश जारी किया गया है कि नए बोरवेल बिना अनुमति के नहीं होंगे। आपको बताते चले कि जब से लोकसभा चुनाव 2024 का ऐलान हुआ तब से ही जिला कलेक्टर के द्वारा आदेश जारी किया जाता है कि किसी भी बोरवेल मशीन से किसी प्रकार का खनन प्रतिबंधित है।
परन्तु सिहावल क्षेत्र में कुछ अलग हीं नजारा देखने को मिल रहा है। आप किसी भी गांव का भ्रमण करेंगे तो एक दो मशीन खनन करते आपको नजर आ ही जाएंगी।
जहां धड़ल्ले के साथ दिन और रात खनन किया जा रहा है।
जल स्तर लगातार नीचे चला जा रहा है, जिसे देखकर प्रशासन के द्वारा आदेश जारी किया जाता है। परंतु बोरवेल मशीन वाले जिला कलेक्टर के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए अपना काम बड़े ही आसानी से कर लेते हैं. क्योंकि सेवा शुल्क के आगे अधिकारी कर्मचारी भी नतमस्तक हो जाते हैं।
ऐसी स्थिति में आप क्या अंदाजा लगाएंगे कि प्रशासन की उदासीनता एवं निहसक्रियता का कारण है। या फिर गांधी ब्रांड के आगे विभाग के आला अधिकारी कर्मचारी नतमस्तक हो चुके हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि जिला कलेक्टर के आदेश के पालन न करने वाले बोरवेल मशीन बालों पर कार्यवाही होती है या फिर खाना पूर्ति तक हीं सीमित रह जाती है।


