पति की प्रताडना से तंग होकर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले आरोपी को समनापुर पुलिस ने 24 घंटे के अन्दर गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के अंदर भिजवा दिया है।
जानकारी के मुताबिक जिले की समनापुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम माडागौर में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई।
सूचना मिलते ही समनापुर थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ ग्राम माडागौर पहुंच कर मृतिका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
समनापुर पुलिस ने धारा 296,115 (2), 108 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
चूँकि मामला संदिग्ध था, इस लिए समनापुर पुलिस बारीकी से जांच में जुट गई।
मौके पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (बजाग) पुरुषोत्तम सिंह मरावी सहित एफएसएल टीम एवं डॉग स्कॉड पहुचे।
पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह के निर्देशन में एवं अति. पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (बजाग) पुरुषोत्तम सिंह मरावी के मार्गदर्शन में समनापुर पुलिस मामले की सघनता से जाँच प्रारम्भ की।
जाँच के दौरान पता चला कि मृतका जैनवती बाई के पति अमर लाल उइके के द्वारा 24 जुलाई रात लगभग 12 बजे मृतिका के साथ गली गलौज कर मारपीट की गई थी, जिससे प्रताड़ित होकर जैनवति ने जहर का सेवन कर लिया, जिससे जैनवति की मौत हो गई।
घटना के बाद अमर लाल उइके मौके से फरार हो गया था।
पुलिस को माडागौर के बाहर जंगल के किनारे आरोपी पति अमर लाल उइके के छुपे होने की जानकारी लगी।
जिसके बाद पुलिस द्वारा घेराबंदी कर आरोपी पति अमर लाल उइके को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
पूछताछ में अमर लाल उइके ने बताया कि पत्नी जैनवति बाई उसके गाली गलौच एवं मारपीट से प्रताड़ित होकर तीर का बिसाडी (जहर) का सेवन कर ली थी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी अमर लाल उइके को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया।
समनापुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटो के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
समनापुर थाना प्रभारी (निरी) कामेश कुमार धूमकेती के नेतृत्व में की गई कार्यवाही में सहा. उपनिरिक्षक राजेश यादव, अशोक उसराठे, प्रधान आरक्षक कृष्णपाल सिंह, भारत बसन्त, अमित पाण्डेय, सहमेन सिंह मरावी, पवन सिंह धुर्वे, आरक्षक गोकुल पाटीदार, सियाराम मरकाम, नीलेश धुर्वे, ओमकार आर्मो, आशीष घरडे एवं चालक आरक्षक हेमन्त नखाते की सराहनीय भूमिका रही।


