सड़क पर खड़ी बस से लग रहा था जाम, पुलिसकर्मी ने हटाने के लिए कहा तो बस के स्टॉफ ने की मारपीट

इंदौर। एडिशनल डीसीपी के कार्यालय में पदस्थ एक पुलिसकर्मी को हंस ट्रेवल के कर्मचारियों के द्वारा बेरहमी से पीट दिया गया। जाम लगाने को लेकर समझाने पर कर्मचारी डंडे लेकर टूट पड़े। पुलिसकर्मी द्वारा रिपोर्ट करने पर मामला गरमाया और गुरुवार सुबह अमला जा पहुंचा।
बताया गया कि जोन-2 के एडीसीपी अमरेंद्र सिंह के कार्यालय में पदस्थ आरक्षक रामबाबू राजपूत बुधवार को रिश्तेदारों को छोड़ने जा रहा था। ढक्कनवाला कुआं पर हंस ट्रेवल की बस (एआर 11 ई 0800) रास्ते में खड़ी हुई थी। इस कारण जाम की स्थिति बन गई थी।
कांस्टेबल ने ड्राइवर को समझाते हुए बस साइड में करने के लिए कहा तो वह विवाद करने लगा। क्लीनर नीरज ने अभद्रता की और कहा कि मर्जी होगी वहां बस खड़ी करेंगे। उसको गाली देने से रोका, तो नीरज ने मोहम्मद अकरम, कुलदीप व आसिफ को बुला लिया। जिसके बाद सभी रामबाबू पर टूट पड़े। लात-घुसों और डंडों से खूब पिटाई की। रामबाबू को आंख और सिर में चोट आई है। रामबाबू को भानजा पुरुषोत्तम, चचेरा भाई दीपक बचा कर ले गए। आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की है।
पुलिस ने रात में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। सुबह-सुबह अमला कार्रवाई के लिए पहुंच गया।
जिसके बाद शहर के भीतर से संचालित निजी ट्रेवल्स की बसों को शहर से बाहर करने की कार्रवाई शुरू हुई। जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति ने शहर में संचालित विभिन्न बस संचालक के अवैध बस अड्डों को बंद कराया। यह पहली बार है जब हंस और मुल्तानी सोना जैसे बड़े संचालको के कार्यालय पर कार्रवाई की गई।
अन्य राज्यों को जाने वाली सभी बसों का संचालन बायपास से करना होगा। एबी रोड और रिंग रोड पर पिकअप पॉइंट भी बंद होंगे। बस संचालक शहर में बुकिंग कार्यालय ही संचालित कर सकेंगे।
शहर में यातायात सुधार की कवायद के बीच निजी बस संचालकों के कार्यालय पर कार्रवाई की गई। शहर से चलने वाली लंबी दूरी की बसों का संचालन करने वाली कई ट्रैवल्स के कार्यालयों को जिला प्रशासन ने गुरुवार को सील कर दिया।
एक माह पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने ऐसे सभी ट्रेवल्स संचालकों को चेतावनी दी थी कि वह एक माह में अपनी बसों का संचालन शहर से बाहर प्रारंभ कर दें। लेकिन बस संचालकों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। हमेशा जिला प्रशासन की इस मुहिम को हंस ट्रेवल्स के संचालकों ने फेल किया है।
अपने दबाव प्रभाव के कारण हंस ट्रेवल्स का संचालन बेरोकटोक ढक्कन वाला कुआं से होता रहा है। यही नहीं, हंस ट्रेवल्स की बसें इस पूरे मार्ग पर बेखौफ खड़ी रहती हैं। जिससे यातायात में व्यवधान पैदा होता है।
गुरुवार को जिला प्रशासन ने हंस ट्रेवल्स सहित अशोक ट्रेवल्स, मुल्तानी सोना और अन्य ट्रेवल्स के कार्यालय को सील कर यह जाता दिया कि हर हाल में लंबी दूरी की बसों का संचालन शहर से बाहर किया जाएगा।
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि जल्द ही एआईसीटीएसएल की लंबी दूरी की बसों का संचालन भी नए बस स्टैंडों से प्रारंभ किया जाएगा।

 

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