भोपाल। पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा ने भोपाल कोर्ट के सामने सरेंडर करने के लिए अपने वकीलों को भेजा और सुरक्षा की मांग की है।
बता दे कि 17 दिसंबर को उसके घर पर छापा मारा गया था। सौरभ के पास करोड़ों की संपत्ति मिली थी। इसके साथ ही इसके दोस्त चेतन सिंह गौर की गाड़ी से 54 किलो सोना भी बरामद किया गया था।
सौरभ शर्मा आरटीओ में आरक्षक था, बाद में उसने वीआरएस ले लिया था। उसे अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। इस नियुक्ति पर भी सवाल खड़े हुए हैं, क्योंकि सौरभ के भाई सरकारी नौकरी में पहले से थे।
सौरभ शर्मा ने अपने वकील के जरिए भोपाल जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। कोर्ट ने इसके खारिज कर दिया था। इसके बाद से ही सौरभ के आत्म समर्पण के आसार बढ़ गए थे। इधर, सौरभ शर्मा की संपत्तियों को लेकर आयकर विभाग और ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। अब सौरभ के सरेंडर करने के बाद ही दोनों एजेंसियां उससे पूछताछ कर पाएगी।
17 दिसंबर को सौरभ शर्मा के घर लोकायुक्त के छापे के अलगे दिन आयकर विभाग को भोपाल के करीब एक कार मिली थी। इस कार में 54 किलो सोना मिला था। कार सौरभ शर्मा के दोस्त चेतन सिंह गौर के नाम पर रजिस्टर्ड है, लेकिन इसका उपयोग सौरभ शर्मा के कार्यालय के लोग करते थे।

