भोपाल। राजधानी के कोहेफिजा थाना पुलिस ने एक युवक से पांच-पांच सौ के 280 नकली नोट (1.40 लाख) बरामद किए हैं। आरोपी ने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताया है।
दरअसल, सैफिया कॉलेज मैदान के पास बुधवार को संदिग्ध युवक कम कीमत पर 500 के नोट किसी को देने आया था।
पुलिस ने पकड़ा तो नाम सैफुल इस्लाम पिता अनवर उल इस्लाम (25) निवासी अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा भोपाल बताया। जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें अलग-अलग सीरीज के जाली नोट मिले। एक आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किया। युवक को कोर्ट से सात दिन की रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहचान छिपाने आईफोन में यूके (+44) नंबर का उपयोग कर वाट्सऐप कॉलिंग करता था। पुलिस को संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिले।
युवक ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल से नोट लाकर भोपाल सहित अन्य स्थानों पर खपाता था। तीन साल से कर रहा था।
हर दो-तीन माह में बंगाल से जाली नोट लाकर 300 रुपए में 500 का एक नोट देता था।
सूत्रों की मानें तो इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आया है, क्योंकि जाली नोट नेपाल और पाकिस्तान के कागज पर छपे हैं।
शहर में बीते कुछ वर्षों से लगातार नकली नोट अलग-अलग बैंक शाखाओं में जमा होने की सूचनाएं आई हैं। बैकों ने थानों में केस दर्ज कराए।
पुलिस का दावा है कि इस संबंध में गंभीरता से जांच करेंगे, ताकि सही जानकारी मिल सके।
जानकारी मिली है कि आरोपी पूर्व में जर्मनी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन उसे बीच में छोड़कर यूक्रेन से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की। इसी दौरान उसका संपर्क भोपाल की एक युवती से हुआ और सितंबर 2024 में उससे शादी करने के बाद यहां किराये के कमरे में रहने लगा। साथ ही वह भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरुरी एफएमजीई (फारेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) की तैयारी कर रहा था।
युवक ने बताया कि बंगाल के ही मालदा में रहने वाले एक युवक से उसकी दोस्ती है। उसने ही पिछले दिनों मुफ्त में करीब दो लाख रुपये के जाली नोट दिए थे। 28 मार्च को वह बंगाल से वापस भोपाल पहुंचा था। जिसके बाद उसने करीब एक सप्ताह में 60 हजार रुपये कीमत के 500 रुपये के नकली नोट विभिन्न क्षेत्रों में खपाए।
आरोपी ने ये भी बताया कि दोस्त ने उसे ये राशि ट्रायल के लिए दी थी। यह खेप पकड़ी नहीं जाती तो वे बड़ी मात्रा में नकली नोट खपाने की तैयारी में थे।
पूछताछ में उसने बताया कि वह 200-300 रुपये तक में नकली नोट बेच देता था। साथ ही दुकानों और मॉल में खरीदारी के लिए भी नकली नोट का ही उपयोग करता था।


