कोस्मिक स्टार – सुपर 100 का फेज़-2 कार्यशाला का किया गया सफलतापूर्वक आयोजन

इंदौर। स्पेस एजुकेशन और टैलेंट आइडेंटिफिकेशन का एक अनूठा कार्यक्रम कोस्मिक स्टार – सुपर 100 का दो दिवसीय फेज़-2 कार्यशाला 6 से 7 मई 2026 को इंदौर स्थित एक्रोपोलिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस कार्यशाला में मध्य प्रदेश के 8 जिलों से चयनित 120 छात्रों ने भाग लिया।
जनवरी 2026 में प्रारंभ की गई इस पहल का संचालन शैक्षणिक संस्था विजय सोशल वेलफेयर सोसाइटी (वीएसडब्लूएस) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें न्यूरीज़ोन स्पेस विज़न, इकोसिस्टम एवं तकनीकी साझेदार के रूप में सहयोग कर रहा है।
कार्यक्रम में इंदौर, झाबुआ, खंडवा, धार, बड़वानी, अलीराजपुर, बुरहानपुर एवं खरगोन सहित विभिन्न जिलों से तीन हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण किया।
एक सुव्यवस्थित चयन प्रक्रिया के माध्यम से कक्षा 8 से 11 तक के प्रतिभाशाली छात्रों का चयन इस उन्नत कार्यशाला चरण हेतु किया गया।
उन्नत भारत मिशन के अनुरूप एवं मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से संचालित इस पहल का उद्देश्य टियर-2 एवं टियर-3 क्षेत्रों की ग्रामीण प्रतिभाओं को स्पेस सेक्टर में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है, विशेष रूप से ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के छात्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
फेज़-2 कार्यशाला में दो दिनों तक छात्रों को अनुभवात्मक एवं प्रायोगिक शिक्षण प्रदान किया गया।
पहले दिन कार्यक्रम का उद्घाटन इसरो के उपनिदेशक डॉ. केके सूद, एआईसीटीएसएल इंदौर की डॉ. माला सिंह ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, जॉइंट कमिश्नर शिवानी वर्मा एवं वरिष्ठ स्पेस विशेषज्ञों की उपस्थिति में हुआ।
छात्रों ने इसरो एवं स्पेस विशेषज्ञों द्वारा आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों में भाग लिया तथा स्पेस टेक्नोलॉजी के वास्तविक जीवन में उपयोग एवं एसटीईएम आधारित गतिविधियों का अनुभव प्राप्त किया।
दूसरे दिन छात्रों के लिए रॉकेट साइंस विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही राकेट मेकिंग वर्कशॉप, आउटडोर राकेट लॉन्च डेमोंस्ट्रेशन शो तथा सेंसर्स एवं स्पेस टेक्नोलॉजीज पर आधारित सत्र आयोजित किए गए।
छात्रों ने नवाचार आधारित एसटीईम गतिविधियों एवं चुनौतियों में भी भाग लिया, जिससे उनमें वैज्ञानिक सोच एवं समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा मिला।
कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण एवं समापन समारोह के साथ हुआ, जिसमें विधायक (इंदौर) गोलू शुक्ला, डिप्टी कमिश्नर सपना लुभाषी, शिक्षाविदों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान विजय सोशल वेलफेयर सोसाइटी (वीएसडब्लूएस) की माधुरी मोयदे ने जमीनी स्तर पर पहुँच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए अवसर और नई आकांक्षाएँ तैयार कर रहा है, जिन्हें उन्नत एसटीईएम शिक्षा का सीमित एक्सपोज़र प्राप्त होता है।
इसी पहल पर बोलते हुए, सेवानिवृत्ति विंग कमांडर एवं न्यूरीजोन स्पेस की संस्थापक एवं सीईओ जया तारे ने कहा कि कोस्मिक स्टार का उद्देश्य उन प्रतिभाओं को पहचानना है जो अक्सर अनदेखी रह जाती हैं और उन्हें वहाँ तक पहुँचाना है जहाँ उनका वास्तविक स्थान है भारत के भविष्य के स्पेस इकोसिस्टम में। हमारा लक्ष्य मध्य प्रदेश को भारत का पहला ‘स्पेस-लिटरेट’ राज्य बनाना है।”
लगभग छह माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम का अगला चरण (फेज-3) देश के प्रमुख स्पेस एवं विज्ञान संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण के साथ आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत के भविष्य के स्पेस लीडर्स तैयार करना है।