इंदौर। महानगर में सोमवार रात जवाहर मार्ग स्थित दौलतगंज इलाके में बड़ा हादसा हो गया। झंडा चौक के पास स्थित तीन मंजिला (जी प्लस-2) इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे के वक्त इमारत में करीब छह परिवार मौजूद थे।
इमारत गिरते ही इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। इस हादसे में 13 लोगों घायल हुए हैं और 1 की मौत हो गई है।
स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे लेकिन मलबा हटाने के साधन न होने से फंसे लोगों को निकालना मुश्किल हो गया।
सूचना मिलते ही नगर निगम की रिमूवल टीम, पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तीन जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से रेस्क्यू शुरू हुआ।
रात 1 बजे तक मलबे से 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उन्हें एमवाय अस्पताल भेजा गया। घायलों में दो बुजुर्ग (60 और 62 वर्ष), तीन माह की बच्ची याशिरा, सात वर्षीय नबी अहमद सहित कई महिलाएं शामिल हैं। सभी के सिर, पैर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं।
रात 11.30 बजे तक एक महिला और दो बच्चे मलबे में दबे हुए थे। उनकी चीखें सुनकर रेस्क्यू टीम ने जहां से आवाजें आ रही थीं वहां ऑक्सीजन छोड़ी और सरिए काटकर उन्हें निकालने की कोशिश जारी रखी। देर रात तक क्रेन की मदद से छत हटाने का प्रयास भी किया गया।
दौलतगंज की तंग गलियों में एम्बुलेंस तक पहुंचना मुश्किल था। ऐसे में घायलों को स्ट्रेचर और लोगों की मदद से उठाकर जवाहर मार्ग पर खड़ी एम्बुलेंस तक ले जाया गया, फिर अस्पताल भेजा गया।
जानकारों के मुताबिक इमारत करीब 15 साल पहले बनाई गई थी। पिलर और नींव कमजोर होने के चलते यह ध्वस्त हो गई। निगम अधिकारियों ने इसे अवैध निर्माण बताया है।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि हादसे की जांच होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
हादसे में अलीफा(20) की मौत हो गई। वही, अलताफ (28), रफी उद्दीन (60), याशिरा (3 माह), नबी अहमद (7), सबिस्ता अंसारी (28), सबीउद्दीन (62), सलमा बी (45), आलिया अंसारी (23), शाहिदा अंसारी (55), अमीनुद्दीन (40), अफरीन (32) एवं मोहम्मद अहमद (4) हादसे में घायल हुए हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
बताया गया कि ईमारत के तलघर में पानी भरा था, जिसको सालों से नहीं निकला गया, जिससे मकान की नींव कमजोर हो गई। बेसमेंट को बंद कर दिया था। मकान के तलघर में पानी भरा था, जिस कारण धीरे धीरे नींव कमजोरी होती गई और अचानक ये हादसा हुआ है।


