अमरवाड़ा में कड़ी टक्कर देने के बाद बुधनी, बीना एवं विजयपुर विधानसभा उप चुनाव की तैयारी में जुटी गई कांग्रेस

भोपाल। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर, सागर की बीना एवं सीहोर की बुदनी विधानसभा सीट में उप चुनाव की घोषणा भले ही अभी नहीं हुई है, पर कांग्रेस पूरी तरह से तैयारी में जुट गई है। तीनों सीट के लिए प्रभारी नियुक्त करने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की जा रही हैं, जिसमें स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी राय ली जा रही है।
इस दौरान संभावित प्रत्याशियों के नामों पर भी चर्चा की जा रही है। साथ ही ऐसी कमजोरियों को चिह्नित किया जा रहा है जो जीत में बाधा बन सकती हैं। विजयपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीते राम निवास रावत के भाजपा में जाने बाद यह सीट रिक्त हुई है।
लोकसभा सदस्य बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान के बुदनी सीट से त्याग पत्र देने यह खाली हुई है। बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे भाजपा में शामिल हो गई हैं, इसलिए यहां उपचुनाव होना है। हालांकि, अभी तक उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र नहीं दिया है।
पार्टी ने विजयपुर सीट के लिए विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, बीना के लिए विधायक लखन घनघोरिया और बुधनी के लिए विधायक जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की उपस्थिति में शनिवार को बीना विधानसभा क्षेत्र के सौ से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक हुई।
रविवार को विजयपुर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ ही बैठक कर राय जानी गई। इसके पहले बुदनी की बैठक भी हो चुकी है। जीतू पटवारी ने कहा कि उप चुनाव को लेकर हम तैयारी कर रहे हैं। प्रत्याशी चयन से लेकर संगठन का मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं से राय ली जा रही है।
अमरवाड़ा उप चुनाव में मिली जीत के बाद अब विजयपुर व बीना विधानसभा सीट पर उप चुनाव में कांग्रेस से भाजपा में आए विधायकों को ही चुनाव लड़ाया जाएगा। यहां से कांग्रेस विधायक रहते कमलेश शाह ने भाजपा में शामिल होने के बाद इस्तीफा दिया था। पार्टी ने उन्हें ही उप चुनाव लड़ाया और कमलेश शाह ने धीरन शाह इनवाती को हराकर जीत दर्ज की।
अब यही प्रयोग विजयपुर और बीना सीट पर भी किया जाएगा। भाजपा की तैयारी है कि इन दोनों ही सीट से रावत और सप्रे को ही प्रत्याशी बनाया जाए।
बता दें कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने विजयपुर से बाबूलाल मेवरा को प्रत्याशी बनाया था, वे रामनिवास रावत से हार गए।
अब रामनिवास रावत भाजपा में आने के बाद मंत्री भी बन गए हैं, ऐसे में रामनिवास रावत को जिताना भाजपा के लिए कड़ी चुनौती है। क्योंकि यहां रावत का विरोध शुरू हो गया हैं। कांग्रेस के साथ ही भाजपा नेता भी रामनिवास रावत के विरोध में उतर आए हैं।
बुदनी सीट से शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह भी दावेदार हैं। वे यहां लगातार जनता से संपर्क बनाए हुए हैं। साधना सिंह भी बेटे कार्तिकेय के साथ जनता से संपर्क कर रही हैं। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि भाजपा बुदनी में किसे प्रत्याशी बनाती है। कारण, पार्टी वंशवाद के विरोध में रही है, लेकिन राजनीतिक समीकरण अगर इसके उलट रहे तो कार्तिकेय को यहां से चुनाव लड़ाया जा सकता है।

 

Next Post

एक लाख रुपये कीमती 250 सीसी कोरेक्स कफ सिरफ के साथ एक आरोपी को बहरी पुलिस ने किया गिरफ्तार

सीधी(बहरी)। पुलिस अधीक्षक डॉ. रविन्द्र वर्मा कें कुशल निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव व उप पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी बहरी (निरी) राकेश बैस के नेतृत्व में अवैध नशे के विरुद्ध कार्यवाही कर बहरी पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। बता दे कि दिनांक […]