इंदौर। महानगर इंदौर में सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
जिलाधिकारी शिवम वर्मा (भाप्रसे) की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
इस दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) यांगचेन भूटिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी और स्मार्ट सिटी सीईओ अर्थ जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और बाधा रहित बनाना रहा।
बैठक के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने जानकारी दी कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर उनके सुधार का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि पूर्व में किए गए प्रयासों से ब्लैक स्पॉट्स की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि, जो नए स्थान चिन्हित हुए हैं, वहां इंजीनियरिंग सुधार और सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से जनहानि रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। एनएचएआई को दिए गए निर्देशों के सकारात्मक परिणाम भी अब धरातल पर दिखने लगे हैं।
शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने आठ प्रमुख मार्गों का चयन किया है। इन मार्गों पर अक्सर अतिक्रमण और अव्यवस्थित बुनियादी ढांचे के कारण जाम की स्थिति निर्मित होती थी। कलेक्टर ने बताया कि इन चिन्हित सड़कों पर अवैध कब्जे हटाने, बिजली के खंभों और डीपी को शिफ्ट करने तथा लेफ्ट टर्न को फ्री करने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को बिना किसी रुकावट के आवाजाही की सुविधा प्रदान करना है।
शहर में बढ़ती पार्किंग की समस्या पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त चालानी कार्यवाही की जाएगी। अवैध पार्किंग को रोकने के लिए वाहनों पर लॉक लगाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, जिन व्यावसायिक भवनों में बेसमेंट पार्किंग का उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा है, उन्हें सील करने की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन अब मार्गों पर पार्किंग मार्किंग और संकेतक लगाने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
राजवाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद यातायात में आए सुधार की भी समीक्षा की गई। यात्रियों की सुविधा के लिए अब वैकल्पिक रूट और ई-ऑटो रिक्शा के रूट प्लान पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, बीजासन मेट्रो स्टेशन के समीप यातायात को बेहतर बनाने के लिए एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से केंद्रीय विद्यालय तक सर्विस रोड बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि बायपास और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के आसपास रहने वाले रहवासियों को सीपीआर देने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे सड़क दुर्घटना के समय पीड़ितों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा मिल सकेगी। कलेक्टर ने बायपास पर यातायात दबाव कम करने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने और निर्माणाधीन पुलों के वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए हैं।


