शौचालय निर्माण के नाम पर 1 लाख की रिश्वत लेते हुए जिला परियोजना समन्वय गिरफ्तार, लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई को दिया अंजाम फोटो

DR. SUMIT SENDRAM

धार। प्रदेशभर में लोकायुक्त टीम लगातार भ्रष्ट अधिकारीयों और कर्मचारियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रही है। आए दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रों से रिश्वत लेते अधिकारी-कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले सामने आ रहे है, बावजूद इसके घूसखोरी पर लगाम लगती दिख नहीं रही है।
ताजा मामला धार जिले से सामने आया है जहां इंदौर लोकायुक्त ने जिला परियोजना समन्वयक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
जानकारी के मुताबिक धार में प्रभारी सहा. यंत्री दिलीप साधव की शिकायत पर लोकायुक्त इंदौर ने ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया।
दिलीप ने अपनी शिकायत में बताया कि वह समग्र शिक्षा अभियान के तहत 122 शौचालय निर्माण कार्य के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए धार सर्किट हाउस में जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप खरे से मिला। यहां खरे ने प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उनसे करीब 17 लाख रूपए कमीशन के रूप में मांगे।
शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रदीप खरे ने उनसे 3.42 करोड़ के निर्माण कार्य में 5% कमीशन के रूप में 17 लाख रुपये की मांग की।
प्रभारी सहा. यंत्री दिलीप साधव ने समग्र शिक्षा अभियान परियोजना समन्वयक प्रदीप खरे के खिलाफ लोकायुक्त इंदौर में शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई करने की योजना बनाई। प्रदीप खरे ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 1 लाख रुपए की मांग की थी।
रिश्वत की पहली किस्त देने दिलीप धार सर्किट हाउस पहुंचा। यहां लोकायुक्त की टीम ने उसे 1 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया और गिरफ्तार किया।
आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया।

 

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