डिंडोरी। माँ नर्मदा जी के तट स्थित शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की स्वायत्त संस्थान नवोदय विद्यालय समिति की इकाई पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय धमनगांव डिंडोरी में प्रभारी प्राचार्य एनके आर्य के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
सर्वप्रथम प्रभारी प्राचार्य एनके आर्य, धर्मेन्द्र सोनकर, केएल महोबिया, रामानन्द, रमेश बिश्नोई द्वारा आधुनिक हिंदी साहित्य के विकास के पुरोधा और पितामह भारतेंदु हरिश्चंद्र की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
तत्पश्चात् कक्षा सातवीं की छात्रा कुमारी प्राची पड़वार द्वारा स्वरचित बाल कविता “हम है बच्चे” का सास्वर पाठन किया।
कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा कुमारी रागिनी व्यौहार द्वारा भारतेंदु हरिश्चंद्र की जीवन चरित्र पर और हिंदी भाषा के विकास पर प्रकाश डाला गया।
शिक्षकों की ओर से विद्यालय के अंग्रेजी शिक्षक धर्मेंद्र सोनकर द्वारा हिंदी भाषा के विकास और संवर्धन पर अपने विचार व्यक्त किया गया।
उन्होंने बताया स्वतंत्रता के साथ ही अंग्रेजी भाषा को सिर्फ पंद्रह वर्षों के लिए ही कामकाज के लिए मान्यता प्राप्त हुई थी, किंतु राजनीतिक मनसा की कमी के कारण आज हिंदी भाषा दोयम दर्जे की शिकार है और अंग्रेजी फल फूल रही है। आज भी हमारे न्यायालय में अधिकांश निर्णय अंग्रेजी में ही सुनाए जा रहे हैं और पाठ पठन का केंद्र बिंदु भी अंग्रेजी माध्यम बनता चला जा रहा है, जो चिंताजनक है।
कार्यक्रम का संचालन के लिए कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा कुमारी संध्या मनोटिया आमंत्रित करते हुए विद्यालय के हिंदी शिक्षक केएल महोबिया ने हिंदी भाषा के विकास और प्रयोग पर चर्चा करते हुए अपनी स्वरचित गजल प्रस्तुत किया।
वही, पूरे कार्यक्रम की फोटो ग्राफी विद्यालय की छात्रा कुमारी कामना धुर्वे ने द्वारा किया गया।
पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य एनके आर्य द्वारा बताया गया कि हिंदी भाषा के समन्वयकारी सरिता है, जिसमें सभी नदियां धाराएं समाहित हो जाती हैं। ऐसी हमारी हिंदी है, जो विश्व की पटल पर केंद्रित होने के लिए पायदान पर खड़ी है। यह एक व्यावसायिक भाषा है और इसका भविष्य उज्ज्वल है। भारत स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी भाषा भारत के सभी क्षेत्रों को जोड़ने का काम किया है। इसका व्यापक प्रचार प्रसार हुआ।
महात्मा गांधी गुजरात एवं सुभाष चंद्र बोस उड़िया भाषी क्षेत्र के होने के बाद भी हिंदी प्रयोग पर उन्होंने बल दिया। हिंदी को राष्ट्रीय गौरव प्रदान किया।
आज हिंदी वैश्विक भाषा है।
हिंदी को भारतीय भाषाओं को जोड़ने का गौरव प्राप्त है।
छात्र छात्राओं को अधिक अधिक पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि भविष्य में “हिंदी” जीवन को संवारने के लिए और आगामी परीक्षा के लिए तैयारी में लाभान्वित करेगी। सभी विद्यार्थी हिंदी भाषा के प्रयोग के लिए किंचित संकोच न करें। उन्होंने सुनहरे भविष्य के लिए सभी विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किया।
इस अवसर पर पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय धमनगांव के सुनीता गुप्ता, केशव सिंह धुर्वे, सभाजीत पटेल, सुश्री शालिनी, दीक्षा तिवारी, नरेन्द्र कुमार दुबे के साथ विद्यालय के छात्र – छात्राओं की उपस्थिति रही।

