आसमान से बरसती आग ने ली बेजुबानों पक्षियों की जान, तड़प-तड़प कर सड़क पर गिरे कबूतर

छिंदवाड़ा। जिले के परासिया में लगातार बढ़ते तापमान ने अब पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
रविवार दोपहर पेंचवेली स्कूल से भंडारिया जाने वाले मार्ग, वार्ड क्रमांक 17 में कई कबूतर मृत अवस्था में मिले, जबकि कुछ तड़पते हुए देखे गए।
घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है और लोग इसे भीषण गर्मी का असर मान रहे हैं।
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जब तापमान अपने चरम पर था, तब सड़क और आसपास का क्षेत्र अत्यधिक गर्म हो गया था। इसी दौरान कबूतर अचानक जमीन पर गिरने लगे।
मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि कई कबूतर दम तोड़ चुके थे।
एक विवाह समारोह में भंडारिया पहुंचे विनय राजा जोशी ने बताया कि सड़क किनारे झाड़ियों और खुले मैदान में बड़ी संख्या में कबूतर मृत पड़े थे, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गौरतलब है कि क्षेत्र में इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर में चलने वाली गर्म लू लोगों के साथ-साथ जीव-जंतुओं के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। वही, घरों के भीतर का तापमान भी 35-36 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिससे राहत मिलना मुश्किल हो गया है।
पशु-पक्षी प्रेमी जितेंद्र मौर्य के मुताबिक कबूतरों की मौत के पीछे मुख्य कारण पानी की कमी, अत्यंत गर्मी और भोजन की अनुपलब्धता है।
उन्होंने बताया कि कबूतर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पानी पर निर्भर रहते हैं, लेकिन पानी न मिलने पर वे तेजी से कमजोर हो जाते हैं।
इसके अलावा गर्म तासीर वाले अनाज का सेवन भी उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि गंदगी और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रहने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के कारण प्राकृतिक ठंडक खत्म हो रही है, जिससे पक्षियों को राहत नहीं मिल पाती। ऐसे में नागरिकों अपील से की गई है कि वे अपने घरों की छत या बालकनी में मिट्टी के बर्तनों में स्वच्छ पानी रखें और पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थानों पर दाना डालें।