इंदौर। कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री के ठिकाने पर ईडी की लगातार सर्चिग जारी है। बुधवार को भी टीम सुबह से सर्चिग कर रही है। ईडी के अधिकारी 8 दिन से लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापा मार कार्यवाही कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता गोलू (विशाल) अग्निहोत्री के अलावा इंदौर के ही विपुल अग्रवाल और तरुण श्रीवास्तव सहित 24 स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक पूरी कार्रवाई में अब तक लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए कैश मिल चुका है। वहीं, सोने-चांदी समेत कई कीमती चीजों की कीमत का आंकलन किया जा रहा है।
गोलू अग्निहोत्री अभी भी ईडी की हिरासत में हैं।
बताया जा रहा है कि अग्निहोत्री के यहां आज भी कार्रवाई जारी रहेगी। ईडी के छापे में अवैध हथियार भी मिले हैं।
वही, लसूड़िया इलाके की सिंगापुर टाउनशिप में सर्चिग के दौरान तरुण श्रीवास्तव के बंगले से यह हथियार बरामद किए गए हैं।
ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रियांकुश की टीम गोलू अग्निहोत्री से जुड़े तरुण राजेंद्र श्रीवास्तव के घर सिंगापुर टाउनशिप में भी सर्चिग कर रही है। तरुण के खिलाफ फेमा, क्रॉस बॉर्डर इंटरनेशनल कनेक्शन, हवाला, बैटिंग और डिब्बा कारोबार की जांच चल रही है।
ईडी के मुताबिक टीम को तरुण के घर सर्चिग के दौरान एक देशी पिस्टल, दो मैगजीन और पांच कारतूस मिले हैं। इस मामले में मंगलवार देर रात लसूड़िया थाना पुलिस ने तरुण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। तरुण फिलहाल मुंबई में है। उसकी पत्नी और भाई से पूछताछ जारी है।
ईडी ने अंकित (लसूड़िया), विनोद मित्तल (जानकी नगर) के घर भी सर्चिग की है।
ईडी की अहमदाबाद टीम ने क्रिकेट सट्टेबाजी को लेकर दिल्ली, मुंबई और पुणे में 10 से 12 दिसंबर तक 21 ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की थी।
ये कार्रवाई “मैजिक क्वाइन” क्रिकेट बैटिंग साइट से जुड़ी थी। इस साइट के कर्ताधर्ता पाकिस्तान से हैं और इसे भारत के लोग दुबई में बैठकर संचालित करते हैं।
इस छापे में मिले लिंक और सबूतों के बाद ही ईडी की टीम ने इंदौर में गोलू अग्निहोत्री को पकड़ा है। साथ ही उसके साथी विपुल अग्रवाल, तरुण श्रीवास्तव के यहां भी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है।
जांच में यह भी सामने आया था कि “मैजिक क्वाइन” साइट चलाने वालों ने सट्टे में जमकर मुनाफा कमाने के लिए टी-20 वर्ल्ड कप मैच की गैर कानूनी तरीके से ब्रॉडकास्टिंग भी की थी।
यह पूरा काम दुबई में बैठकर किया गया। क्रिकेट के अलावा भी यह साइट कई और तरीके की सट्टेबाजी करती है।
इसमें मूल रूप से पूरा काम क्रिप्टो के जरिए हो रहा है। हवाला के जरिए मनी ट्रांसफर की जा रही है। मनी ट्रांसफर के लिए फर्जी शैल कंपनियों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह भी पता चला है कि वेबसाइट पर दिखाया जा रहा सट्टेबाजी का खेल मूल रूप से फिलीपींस और अन्य देशों में खेला जाता हैं। वहां पर ये खेल सट्टेबाजी गतिविधियों की अनुमति देते हैं।
हालांकि मूल गेम के एपीआई की नकल कर इसे “मैजिक क्वाइन” वेबसाइट पर दोबारा प्रसारित किया जाता है। इसके बाद सट्टेबाजी गतिविधियां ऑपरेट की जाती है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता विशाल (गोलू) अग्निहोत्री खुद का क्रिप्टो कॉइन लाने की तैयारी में था।
यह भी पता चला है कि दुबई में कांग्रेस नेता की ओर से कई कंपनियां रजिस्टर्ड करवाई गई हैं।
यह कंपनियां उसने अपने कर्मचारी और परिचितों के नाम पर बनाई हैं।
गोलू ने कई परिचितों को अपने साथ दुबई की सैर भी कराई थी।
जांच के दौरान कांग्रेस नेता के लैपटॉप के साथ इलेक्ट्रानिक दस्तावेज ईडी ने जब्त किए हैं।
ईडी गोलू के अन्य करीबियों को भी जांच के दायरे में लेने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक गोलू अग्निहोत्री का पांच साल का डेटा तैयार किया जा रहा है। पता लगा रहे हैं कि पैसा कहां से आया और कहां-कहां निवेश किया गया। मुंबई, पुणे में भी गोलू के ऑफिस हैं। वहां पार्टनर हैं। उनकी भी जांच की जा रही है। दुबई में कितना पैसा लगाया, कहां से आया, इसकी कुंडली भी बनाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि ईडी ने फॉरेन मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर उस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। ये बात भी सामने आई कि ईडी छह महीने से गोलू की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

