निर्दयता से हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास, उपनिरीक्षक विनोद पाठक की उत्कृष्ट विवेचना

जबलपुर। जिले के चरगवां थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश रजक के द्वारा अभियुक्त मस्तराम पिता मुन्ना रजक (32) निवासी पटेल मोहल्ला, ग्राम चरगवां, थाना चरगवां, जिला जबलपुर को धारा 324/34 भादवि में 2 वर्ष सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये अर्थदण्ड तथा धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं दो हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।
वही, अन्य अभियुक्त मुन्ना पिता जगन्नाथ रजक (60) की विचारण के दौरान ही मौत हो गई थी।
सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं सहायक मीडिया सेल प्रभारी (पाटन) संदीप जैन द्वारा जारी प्रेसनोट में बताया गया कि चरगवां थाने में पदस्थ सहा. उप निरीक्षक मनीष बसेड़िया को 03 जून 2022 को सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम के साथ ग्राम भिड़की रवाना हुए थे।
इस दौरान उन्हें ग्राम चरगवां में लड़ाई-झगड़े होने की सूचना प्राप्त हुई।
मामले की सूचना प्राप्त होने पर सहा. उप निरीक्षक मनीष बसेड़िया शासकीय अस्पताल चरगवां पहुंचे जहां घायल ब्रजेश व दशरथ को सिर में अधिक चोट होने के कारण मेडीकल कॉलेज जबलपुर रेफर किये जाने की जानकारी मिली।
जिसके बाद चरगवां थाना प्रभारी के आदेशानुसार सहा. उप निरीक्षक मनीष बसेड़िया मेडीकल कॉलेज अस्पताल जबलपुर पहुंचे।
अस्पताल में भर्ती
घायल ब्रजेश ने आरोपी मस्तराम एवं मुन्ना के खिलाफ बयान देते हुए बताया कि 03 जून 2022 की रात्रि करीब 10:30 बजे वह और उसके पिता दशरथ निवासी ग्राम चरगवां अपने मकान की छत पर सो रहे थे, तब उसके घर के पड़ोस में रहने वाले मस्तराम एवं मुन्ना पुरानी रंजिश को लेकर उसके मकान के सामने आकर उसे और उसके पिता दशरथ को गंदी-गंदी गलियां देने लगा, जिसके बाद उसने और उसके पिता दशरथ ने छत से नीचे आकर मस्तराम एवं मुन्ना को गालियां देने से मना किया।
इसी बात पर आरोपी मस्तराम अपने घर जाकर लोहे का फावड़ा लेकर आया और आरोपी मस्तराम ने दशरथ को फावड़े की धार तरफ से सिर में मारा जिससे दशरथ को घातक चोट पहुंची।
घटना में उसने (ब्रजेश) बीच-बचाव किया तो आरोपी मुन्ना ने मस्तराम से फावड़ा लेकर उसके ब्रजेश के सिर में मारा, जिससे उसे भी प्राण घातक चोट पहुंची।
घटना उसकी मां ममता, बहन राजेश्वरी, दादी हल्की बाई तथा मोहल्ले के सुरेन्द्र पटेल ने देखा।
ब्रिजेश ने आगे बयान दिया कि मस्तराम ने उन्हें (ब्रजेश) व दशरथ को जान से मारने की धमकी दी और फिर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घायल ब्रजेश द्वारा दिए गए बयान आधार पर चरगवां पुलिस ने दोनों आरोपी के खिलाफ धारा 294, 324, 307, 506 एवं 34 भादवि के तहत मामला कायम किया।
विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
बता दे कि इस पूरे प्रकरण की उत्कृष्ट विवेचना उप निरीक्षक विनोद पाठक के द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
जिसके बाद उपनिदेशक (अभियोजन) विजय कुमार उइके के मार्गदर्शन में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन के द्वारा इस मामले में सशक्त पैरवी करते हुये कुल 19 अभियोजन साक्षियो बयान कराया गया।
विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन के तर्को से सहमत होते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (पाटन) ओमप्रकाश रजक के द्वारा आरोपी मस्तराम रजक को आजीवन कारावास एवं तीन हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।