दमोह। जिले में जहां एक ओर कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह का निरीक्षणों का दौर जारी है। वहीं, सरकारी भोजन की गुणवत्ता खराब मिलने का सिलसिला भी लगातार चल रहा है।
16 अप्रैल को कलेक्टर ने सुबह संयुक्त कार्यालय कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया था। शुक्रवार को वे फिर निकल पड़े और शहर के फिल्टर प्लांट तथा अजा छात्रावास का निरीक्षण किया।
छात्रावास में उन्होंने विद्यार्थियों के लिए बनाया भोजन चखा। दाल का स्वाद चखते ही कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह को मिर्ची लग गई, जिसके बाद उन्होंने मिर्च कम डालने की हिदायत दी।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शहर के फिल्टर प्लांट और अजा छात्रावास का निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर संबंधितों को फटकार लगाई।
छात्रावास में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बच्चों के लिए बना खाना चखा। भोजन में सब्जी नहीं थी केवल दाल बनी थी। दाल मुंह में लेते ही कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को मिर्ची लगी तो वे बोले कि बच्चियां इतनी मिर्ची कैसे खाती होंगी। उन्होंने कम मिर्च डालने की हिदायत भी दी।
गौरतलब है कि गुरुवार को ही पटेरा में सरकारी कर्मचारियों के भोजन में चींटी निकली थी और कच्ची रोटियां व नाममात्र की सब्जी दी गई थी। तहसील के शासकीय सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल पटेरा में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षकों ने खराब गुणवत्ता के भोजन मिलने के आरोप लगाए। गुरुवार को प्रशिक्षकों ने आए भोजन को छोड़कर भूखे रहकर ही प्रशिक्षण प्राप्त किया। भोजन की व्यवस्था तहसीलदार कार्यालय से होनी थी।


