उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक ग्रामीण पुन्ने लाल अचानक गायब हो गया। इसके बाद ग्रामीणों के बीच यह बातें होने लगी कि वह महुआ बीनने गया था और उसे बाघ दबोचकर ले गया। इन्हीं अफवाहों के बीच ग्रामीण और वन विभाग के लोग जंगल में उसकी लाश तलाशते रहे। आखिरकार चार दिन बाद पुन्ने लाल अमरपुर में जिंदा मिला।
खास बात यह है कि वह व्यक्ति जंगल गया ही नहीं था। वह अमरपुर कैसे चला गया, इस बारे में वो खुद भी कुछ नहीं बता पा रहा।
शुक्रवार की सुबह से ही यह अफवाह फैल गई थी कि पुन्ने लाल बैगा जंगल में महुआ बीनने गया था, जिसे बाघ ने मार दिया है। कुछ लोगों ने तो यह दावा भी कर दिया था कि उसके शव को कल्लवाह रेंज में देखा गया है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम समरकोईनी चेचपुर निवासी पुन्ने लाल(45) पिछले तीन दिनों से लापता था। न जाने कैसे शुक्रवार की सुबह यह चर्चा शुरू हो गई कि उसे बाघ ने अपना निवाला बना लिया है। यह कहा जाने लगा कि वह महुआ बीनने गया था, इसी दौरान बाघ उसे जंगल के अंदर खींच ले गया।
इसके बाद घटना की सूचना वन विभाग को दी गई और वन अमला पुलिस बल के साथ चेचपुर के जंगल में ग्रामीण की तलाश भी करने लगा। जब काफी देर की तलाश के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला, तो वन अमला और पुलिस वापस लौट आई। तब यह बात सामने आई कि ग्रामीण शुक्रवार की सुबह से नहीं बल्कि मंगलवार से लापता था।
एक अफवाह के कारण इतनी परेशानी बढ़ गई कि अपना सारा जरूरी काम छोड़कर वन अमला जंगल में पुन्ने लाल को तलाशता रहा। इस अभियान में आधा सैंकड़ा अमला और हाथी जुटे रहे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया कि पुन्ने लाल सकुशल लौट आया है यह महत्वपूर्ण है। उन्होंले गांव के लोगों से अपील की है कि जंगल के अंदर न जाएं क्योंकि वहां पर हिंसक वन्य प्राणी हैं।

