श्योपुर। कूनो के खुले जंगल में चीतों का कुनबा धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है।
सोमवार को दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को खुले जंगल में छोड़ा गया। जिससे खुले जंगल में चीतों की संख्या बढ़कर सत्रह हो गई। अब बाड़े से ज्यादा चीते खुले जंगल में हो गए हैं, इसलिए सफारी के दौरान पर्यटकों को चीतों के दीदार आसानी से हो सकेगे। इससे पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स एकाउंट पर पोस्ट शेयर कर कहा कि आज का दिन चीता प्रोजेक्ट के लिए उल्लेखनीय दिन है।
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने 10 मार्च 2024 को छह शावकों को जन्म दिया था, लेकिन बाद में दो शावकों की मौत हो गई। तब से गामिनी और उसके चार शावक बाडे में बंद थे।
सोमवार को कूनो प्रबंधन ने गामिनी और उसके चार शावकों जिनमें 2 नर और 2 मादा हैं, इनकी उम्र 12 महीने है, जिन्हे सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में खजूरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। मां और चारों शावक स्वस्थ हैं।
बता दे कि खजूरी वन क्षेत्र अहेरा पर्यटन ज़ोन का हिस्सा है। अब पर्यटन क्षेत्र में चीतों की उपस्थिति के कारण पर्यटकों को सफारी यात्रा के दौरान चीता देखने का अवसर मिल सकता है।
वन विभाग ने गामिनी और उसके शावकों को कालर आईडी पहनाई इससे खुले जंगल में उनकी निगरानी की जा सकेगी।
सिंह परियोजना के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को खुले जंगल में छोड़ा। सभी चीते स्वस्थ हैं और जंगल में अच्छा कर रहे हैं। गामिनी उसके शावक अन्य चीते की तरह शिकार करना सिखेंगे।

