डिंडोरी। बेटियों की शिक्षा के लिए स्थापित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय गुरैया आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
डिंडोरी जिले के शहपुरा विकासखंड अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय तक पक्का पहुंच मार्ग नहीं है और न ही परिसर में कोई बाउंड्रीवाल है। वर्तमान में विद्यालय एक जर्जर और असुरक्षित भवन में संचालित हो रहा है, जिसकी खिड़कियां तक टूटी हुई हैं।
बता दे कि 1 करोड़ 38 लाख रूपये की लागत से नया भवन बनकर तैयार है, लेकिन सुविधाएं और व्यवस्था पूरी न होने के कारण छात्राओं को अब तक नए भवन में शिफ्ट नहीं किया गया है। इससे छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा तीनों ही चीजें प्रभावित हो रही हैं।
क्षेत्रीय सरपंच अनूप कुशराम ने बताया कि पक्की सड़क और बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक कई बार मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी इस संबंध में अनुरोध किया गया था, परंतु नतीजा आज भी शून्य है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण शिक्षा की यह महत्वपूर्ण इकाई मूलभूत जरूरतों से वंचित है, जो शासन के “बेटी पढ़ाओ” अभियान को भी चुनौती दे रहा है।


