प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक सफाई एवं सुरक्षा पर प्रदेश सरकार का फोकस

भोपाल। भोपाल जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तक सफाई एवं सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ेगी।
वर्तमान स्वीकृत कर्मचारियों की तुलना में लगभग हर स्तर पर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
सफाई के लिए मापदंड भी नए सिरे से निर्धारित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहली बार ऐसा किया जा रहा है कि अस्पताल में बिस्तरों के अतिरिक्त आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम आदि के मान से भी किसी अस्पताल में सफाई एवं सुरक्षाकर्मियों की संख्या निर्धारित होगी।
सफाई बेहतर होने से संक्रमण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। साथ ही कायाकल्प और नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड पर भी अधिक अस्पताल खरे हो सकेंगे।
मप्र वित्त विभाग ने वर्ष 2016 में हर स्तर के अस्पतालों के लिए सफाई और सुरक्षाकर्मियों के पद स्वीकृत किए थे, इसके बाद से इसमें बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि अस्पतालों में ओपीडी और भर्ती रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
कई बार मंत्री या अधिकारियों के दौरों में सफाई को लेकर प्रश्न भी उठते हैं, पर सच्चाई यह है कि तीनों पाली में मिलाकर जितने सफाई कर्मचारी और सुपरवाइजर होने चाहिए उतने नहीं हैं।
स्वास्थ्य संचालनालय ने अब इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। वित्तीय भार बढ़ने की वजह से इसे कैबिनेट में भेजा जाएगा। ओटी, आईसीयू, लेबर रूम आदि के लिए पहली बार सफाईकर्मियों संख्या निर्धारित की जाएगी। यहां गंदगी रहने पर संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा रहता है।

 

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